NEET पेपर लीक केस का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, NTA के एग्जाम प्रोसेस में था शामिल

सीबीआई जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी, जो कि मूल रूप से लातूर का रहने वाला है, पुणे में एक केमिस्ट्री लेक्चरर है. वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था, जिसके कारण उसकी पहुंच सीधे प्रश्नपत्रों तक थी.

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मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी, जो कि मूल रूप से लातूर का रहने वाला है (Photo- ITG) मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी, जो कि मूल रूप से लातूर का रहने वाला है (Photo- ITG)

अरविंद ओझा / दिव्येश सिंह / मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली/मुंबई,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:11 PM IST

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है. CBI ने मामले के किंगपिन यानी सरगना को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान पी.वी. कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो केमिस्ट्री के लेक्चरर है और NTA के एग्जाम प्रोसेस से जुड़ा हुआ था.

सीबीआई जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी, जो कि मूल रूप से लातूर का रहने वाला है, पुणे में एक केमिस्ट्री लेक्चरर है. वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था, जिसके कारण उसकी पहुंच सीधे प्रश्नपत्रों तक थी.

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कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज में बतौर केमेस्ट्री प्रोफेसर कार्यरत था. अब वह रिटायर हो चुका है. आरोपी मनीषा वाघमारे के पूछताछ के बाद सीबीआई कुलकर्णी तक पहुंची. लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

जांच एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में कुलकर्णी ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को जुटाया और पुणे स्थित अपने घर पर स्पेशल कोचिंग क्लासेस चलाईं. मनीषा वाघमारे को CBI पहले ही 14 मई 2026 को गिरफ्तार कर चुकी है.

इन क्लासेस में उन्होंने सवाल, उनके ऑप्शन और सही जवाब छात्रों को डिक्टेट किए. छात्र उन सवालों को अपनी कॉपी में लिखते थे. बाद में जांच में पाया गया कि वही सवाल 3 मई 2026 को हुए NEET-UG परीक्षा के असली पेपर से पूरी तरह मेल खाते हैं.

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CBI की ताबड़तोड़ छापेमारी

बता दें कि सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर में कई ठिकानों पर छापेमारी भी की है. इस दौरान कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं. फिलहाल इन जब्त सामग्रियों की फोरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है.

CBI ने यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था. शिकायत में NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक का आरोप लगाया गया था. केस दर्ज होते ही विशेष जांच टीमें बनाई गईं और देशभर में छापेमारी शुरू की गई.

इससे पहले 7 और आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

इससे पहले तक इस मामले में जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से 5 आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. वहीं गुरुवार को गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के लिए पुणे की अदालत में पेश किया जा रहा है और उन्हें दिल्ली लाया जाएगा.

CBI का कहना है कि जांच में अब केमिस्ट्री पेपर लीक के असली स्रोत और उन बिचौलियों का पता चल गया है, जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को इन विशेष कोचिंग क्लासेस तक पहुंचाया. एजेंसी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष, व्यापक और पेशेवर जांच जारी रहेगी.

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