आंध्र प्रदेश के CM जगन रेड्डी के चाचा को CBI ने किया अरेस्ट, अपने ही भाई का किया था मर्डर!

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पूर्व सांसद विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री YS जगन मोहन रेड्डी के चाचा वाईएस भास्कर रेड्डी को अरेस्ट कर लिया है. राज्य विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले ही 2019 में पुलिवेंदुला में उनके निवास पर उनकी हत्या कर दी गई थी.

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी के चाचा को सीबीआई ने किया अरेस्ट (फाइल फोटो) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी के चाचा को सीबीआई ने किया अरेस्ट (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 11:48 AM IST

सीबीआई ने पूर्व सांसद विवेकानंद रेड्डी की हत्या के सिलसिले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के चाचा वाई. एस भास्कर रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. इस मामले की पहले एसआईटी द्वारा जांच की गई थी और बाद में इसे सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था.

SIT की जांच के बाद सीबीआई को हैंडओवर हुआ था केस

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आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के भाई और जगन रेड्डी के चाचा विवेकानंद राज्य विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले 15 मार्च, 2019 की रात पुलिवेंदुला स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे. इस मामले की जांच शुरू में राज्य अपराध जांच विभाग के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की गई थी, लेकिन जुलाई 2020 में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया था.

टिकट की लड़ाई!

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 26 अक्टूबर, 2021 को हत्या के मामले में चार्जशीट दायर की थी और 31 जनवरी, 2022 को एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी. सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार, विवेकानंद रेड्डी कडप्पा लोकसभा से अविनाश रेड्डी के बजाय कथित रूप से अपने या वाई एस शर्मिला (मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की बहन) या वाई एस विजयम्मा (जगन मोहन रेड्डी की मां) के लिए संसदीय चुनाव का टिकट मांग रहे थे.

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हत्या का आरोप

सीबीआई ने हाल ही में तेलंगाना उच्च न्यायालय में दायर एक हलफनामे में आरोप लगाया कि अविनाश रेड्डी, भास्कर रेड्डी और उनके करीबी डी शिव शंकर रेड्डी ने विवेकानंद रेड्डी को मारने की साजिश रची थी. अन्य आरोपियों को कथित तौर पर विवेकानंद को मारने के लिए 40 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी. पिछले हफ्ते, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की एक नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया और उसे 30 अप्रैल तक जांच पूरी करने का निर्देश दिया.

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