कावेरी पर सियासी जंग! डीके शिवकुमार ने बुलाई ऑल पार्टी मीटिंग, सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK

कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु का विवाद और बढ़ गया है. कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के आदेश का पालन कराने की मांग को लेकर DMK सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. जबकि कर्नाटक सरकार ने इस मुद्दे पर एक ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई है.

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कावेरी जल विवाद कावेरी जल विवाद

सगाय राज

  • बेंगलुरु,
  • 02 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:27 AM IST

कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद कई दशकों से चला आ रहा है. हाल ही में कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

DMK ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि वह कर्नाटक सरकार को तुरंत तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का आदेश दें. वहीं, इस मुद्दे को लेकर कर्नाटक सरकार भी सक्रिय हो गई है और आगे की रणनीति तय करने के लिए राज्य में सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

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कर्नाटक सरकार ने कावेरी नदी का पानी छोड़ने को लेकर चर्चा करने लिए रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है. पहले भाजपा ने इस बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया था लेकिन अब भाजपा बैठक में शामिल होने वाली है.

यह भी पढ़ें: कावेरी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK, स्टालिन ने विजय पर साधा निशाना

ताजा विवाद कर्नाटक द्वारा कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के आदेश का पालन नहीं करने को लेकर हो रहा है. दरअसल, 28 जुलाई को CWRC ने कर्नाटक सरकार को निर्देश दिया था कि वह अगले 15 दिनों तक हर दिन 3,500 क्यूसेक पानी तमिलनाडु के लिए छोड़े. इसी आदेश को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने भी बरकरार रखा.

हालांकि, कर्नाटक सरकार ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया. राज्य सरकार का कहना है कि अल नीनो के कारण इस साल सामान्य से कम बारिश हुई है, जिससे जलाशयों में पानी की कमी है. ऐसे में राज्य में पेयजल संकट पैदा हो सकता है, इसलिए फिलहाल राज्य सरकार तमिलनाडु के लिए तय मात्रा में पानी नहीं छोड़ सकती. 

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वहीं दूसरी ओर, कर्नाटक ने काबिनी बांध से तमिलनाडु के लिए 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ दिया है. केरल के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के कारण जलाशय में पानी के तेज़ बहाव के कारण मैसूर के काबिनी बांध से पानी छोड़ा जाने लगा है. 

शनिवार शाम तक पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाकर 12,000 क्यूसेक कर दी गई. अधिकारियों का कहना है कि पानी का बहाव बढ़कर लगभग 40,000 क्यूसेक हो गया था, जिसके कारण इंजीनियरों को बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जलाशय के जलस्तर को नियंत्रित करना पड़ा. फिलहाल अधिकारी जलाशय की स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

इस मामले को लेकर कर्नाटक बीजेपी प्रमुख विजयेंद्र ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को पत्र लिखकर कर्नाटक के हितों की रक्षा करते हुए कावेरी मुद्दे पर बातचीत का आग्रह किया है.

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