प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुनियादी ढांचे से जुड़ी पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई. इन परियोजनाओं की कुल लागत 13,041 करोड़ रुपये है.
इनमें रेलवे की चार परियोजनाएं शामिल हैं, जबकि बिहार में एक फोर-लेन हाईवे परियोजना को भी हरी झंडी दी गई है. कैबिनेट ने खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी है. इस परियोजना की अनुमानित लागत 3,352 करोड़ रुपये है. इसके अलावा भद्रक-हरिदासपुर चौथी रेल लाइन के लिए 1,583 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.
रेलवे नेटवर्क के विस्तार के तहत गुम्मिडिपुंडी-गुडूर तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है. इस परियोजना पर करीब 2,229 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, कटक-पारादीप तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को 2,286 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा.
बिहार में मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोर-लेन हाईवे को मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा फोर-लेन हाईवे परियोजना को भी मंजूरी दी है. इस परियोजना की लागत 3,591 करोड़ रुपये होगी. यह मार्ग मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के साथ नेपाल सीमा के पास स्थित सोनबरसा तक सड़क संपर्क को बेहतर करेगा. इस तरह बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे और सड़क क्षेत्र की कुल पांच परियोजनाओं के लिए 13,041 करोड़ रुपये की मंजूरी दी. इनमें 9,450 करोड़ रुपये की चार रेलवे परियोजनाएं और 3,591 करोड़ रुपये की एक हाईवे परियोजना शामिल है.
कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी रेल लाइन को मंजूरी दी है, जिसकी लंबाई 173 किलोमीटर होगी. वहीं, ओडिशा में भद्रक-हरिदासपुर के बीच 75 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन बनाई जाएगी.
इसके अलावा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच गुम्मिडिपुंडी-गुडूर सेक्शन में 90 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी. ओडिशा में कटक-परेडिप (बड़ाबंधा) के बीच 72 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन को भी मंजूरी मिली है.
सरकार के मुताबिक, इन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से रेलवे की क्षमता बढ़ेगी और व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी. इससे ट्रेनों का संचालन बेहतर होने के साथ यात्रियों और माल ढुलाई के लिए कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
पीयूष मिश्रा