ठंड की वजह से टूट गई शादी! कंपकंपाते हुए मंडप में गिर पड़ा दूल्हा, दुल्हन ने शादी से कर दिया इनकार, बैरंग लौटी बारात

खुले आसमान के नीचे बने मंडप में दूल्हा कंपकंपाते हुए अचानक बेसुध होकर गिर पड़ा. करीब एक से डेढ़ घंटे बाद दूल्हे की स्थिति सामान्य हुई. मंडप में दूल्हा फिर से बैठने को तैयार हुआ, लेकिन दुल्हन ने फेरे लेने से सीधे इनकार कर दिया. 

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प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: मेटा एआई) प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: मेटा एआई)

शैलेन्द्र मिश्रा

  • देवघर ,
  • 17 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST

झारखंड के देवघर बाबा यानी बैद्यनाथ की नगरी में होने वाली शादियों की चर्चा देश-विदेश में होती रहती है, ऐसा इसलिए क्योंकि विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम में तमाम शादियां होती हैं जो कि चर्चा का विषय बन जाती हैं. बिहार के दूल्हे और सात समंदर पार इंग्लैंड की दुल्हनिया ने पिछले दिनों बाबा नगरी में विवाह रचाया, तो वहीं विदेशी दूल्हे और भारत की दुल्हनिया भी यहां शादियां कर चुकी हैं. लेकिन आज ऐसे शादी की बात कर रहे हैं जिसमें वरमाला तो हुई, लेकिन सात फेरे नहीं हो सके...

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दरअसल, देवघर जिला के मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र स्थित घोरमारा में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच शादी करना एक युवक को महंगा पड़ गया. ठंड की वजह से उसकी शादी होने से पहले ही टूट गई. 

दूल्हा पक्ष स्थानीय निवासी घोरमारा का ही रहने वाला था. अर्णव नाम के लड़के की शादी अंकिता नाम की लड़की के साथ होनी थी. दोनों पक्षों की सहमति से शादी एक निजी गार्डन कैंपस में हो रही थी. गाजे-बाजे के साथ सब कुछ चल रहा था. समय के साथ सभी रस्में पूरी की जा रही थीं. 

सबसे पहले दोनों पक्षों की ओर से मिलन का कार्यक्रम हुआ. उसके बाद खुले आसमान के नीचे वरमाला का स्टेज बना था. उस पर वरमाला का कार्यक्रम हुआ. फिर शादी के मंडप में सभी पहुंचे. शादी का मंडप भी खुले आसमान के नीचे बनाया गया था. 

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वरमाला और खानपान के बाद दूल्हा-दूल्हन मंडप में भी बैठ गए. पंडित ने शादी की रस्में शुरू कर दीं. इसी बीच दूल्हा कंपकंपाते हुए अचानक बेसुध होकर गिर पड़ा. दूल्हे का शरीर ठंडा पड़ गया. आनन-फानन में परिजन दूल्हे को कमरे में ले गए और हाथ-पैर रगड़ने शुरू कर दिए. 

इस दौरान एक स्थानीय डॉक्टर को भी बुलाया गया. दूल्हे को स्लाइन लगाकर ठंड से राहत देने वाले इंजेक्शन लगाए गए. करीब एक से डेढ़ घंटे बाद दूल्हे की स्थिति सामान्य हुई.  मंडप में दूल्हा फिर से बैठने को तैयार हुआ, लेकिन दुल्हन ने फेरे लेने से सीधे इनकार कर दिया. 

दुल्हन का कहना था कि लड़के को कोई बीमारी है, इसलिए वह शादी नहीं करेगी. दुल्हन का शक इसलिए अधिक बढ़ गया क्योंकि आम तौर पर दूल्हा पक्ष बारात अपने घर से दुल्हन के घर के लिए जाते हैं, लेकिन इस विवाह में दुल्हन पक्ष को दूल्हे के यहां बुलाया गया था और एक निजी गार्डन में शादी कराई जा रही थी. दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और सुबह के 5 बज गए. 

मामले की सूचना मोहनपुर थाना को दी गई. इसकी सूचना मिलने पर मोहनपुर थाना प्रभारी प्रियरंजन कुमार दल बल के साथ पहुंचे. पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया, लेकिन सहमति नहीं बन पाई. सुबह के 8 बजे तक बात नहीं बनने पर अंत में वर पक्ष बारात लेकर वापस बैरंग लौट गया. वधू पक्ष भागलपुर (बिहार) अपने घर लौट गया.

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वहीं, थाना प्रभारी प्रियरंजन कुमार ने बताया कि निजी गार्डन कैंपस में शादी हो रही थी. खुले आसमान में वरमाला व मंडप बनाये गये थे. शादी के मंडप में ही दूल्हा बेहोश हो गया था. कैंपस में ही एक कमरे में इलाज के बाद दूल्हा नॉर्मल हो गया. जैसे ही शादी मंडप में दूल्हा दोबारा बैठा, दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया. दोनों पक्षों की रजामंदी से शादी रद्द हो गई. दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट गए. 

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