दिल्ली में इन दिनों 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन छाया हुआ है. आज से 13 सितंबर तक राजधानी में कड़ी सुरक्षा और भारी ट्रैफिक बदलाव लागू हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच गए और तीन दिन के दौरे पर हैं. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल बाद पहली बार भारत आ रहे हैं. समिट का आयोजन भारत मंडपम में 13 और 14 सितंबर को होगा, जबकि आज स्कूलों में छुट्टी है.
सुरक्षा के लिए करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी, पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां और 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि शहर पूरी तरह बंद नहीं होगा, लेकिन वीवीआईपी काफिलों के गुजरने के दौरान कुछ देर के लिए रास्ते रोके जा सकते हैं.
मथुरा रोड, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड और तीन मूर्ति मार्ग समेत 35 से ज्यादा सड़कों पर असर पड़ेगा. नोएडा से सेंट्रल दिल्ली और द्वारका से एयरपोर्ट जाने वालों को ज्यादा परेशानी हो सकती है. रोज करीब 70 से 80 हाई सिक्योरिटी मूवमेंट होंगे. करीब 4800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात हैं. मेट्रो सामान्य चलेगी, बसें, ऑटो और टैक्सी भी चलते रहेंगे लेकिन कुछ रूट बदले जा सकते हैं. यूपीएससी और एनडीए परीक्षार्थियों तथा अस्पताल जाने वालों को समय से पहले निकलने की सलाह दी गई है. मेडिकल इमरजेंसी में तुरंत ट्रैफिक पुलिस को बताने को कहा गया है.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़ी हर बड़ी खबर, नेताओं की मुलाकातों और सभी ताजा अपडेट्स के लिए यहां क्लिक कर पूरी जानकारी पढ़ें - आजतक पर ब्रिक्स की कवरेज
बुरुंडी गणराज्य के राष्ट्रपति एवारिस्टे नदायिशिमिये BRICS समिट 2026 के लिए भारत पहुंचे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव (UNSG) एंटोनियो गुटेरेस ने द्विपक्षीय बैठक की.
पीएम मोदी की पेजेश्कियान से द्विपक्षीय बातचीत भी शुरू हो चुकी है. ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान और पीएम मोदी के बीच खास केमिस्ट्री देखने को मिली. दोनों नेता एक फोटो में हाथ पकड़े नजर आए हैं.
PM मोदी ने कहा, 'इस साल हम BRICS के 20 साल मना रहे हैं. 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी तो इसमें सिर्फ 4 देश थे और आज BRICS और उनके पार्टनर को मिलाकर 21 देशों का हमारा परिवार है. आज BRICS के देश दुनिया की 50 प्रतिशत जनसंख्या, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक ट्रेड को प्रदर्शित करते हैं. इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई है, वहीं BRICS देशों की कंबाइन GDP करीब साढ़े चार गुना हुई है.'
PM मोदी ने कहा कि BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम केंद्र के तौर पर भी बन रहे हैं. हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएं आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं. ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिखाई देती हैं. भारत में आयोजित यह फ़ोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम है.
ब्रिक्स बिज़नेस फोरम के लीडर्स सेशन में पीएम मोदी ने कहा, 'ब्रिक्स बिज़नेस फोरम में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है. इस साल हम ब्रिक्स के 20 साल मना रहे हैं. जब 2006 में यह ग्रुप शुरू हुआ था, तब इसमें केवल चार देश थे. आज, ब्रिक्स के सदस्यों और पार्टनर देशों को मिलाकर हमारा परिवार 21 देशों का है.'
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि GDP में G7 से आगे निकला BRICS. पुतिन ने कहा कि हम दुनिया में ग्रोथ इंजन बन रहे हैं.
ब्रिक्स बिज़नेस फोरम के लीडर्स सेशन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा, 'आज दुनिया अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है. जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों का बढ़ता इस्तेमाल, इन सब ने उस आर्थिक माहौल को और जटिल बना दिया है जिसमें देश काम करते हैं. सवाल यह है कि इन चुनौतियों पर ब्रिक्स का क्या जवाब है? हमारा मानना है कि ब्रिक्स की असली ताकत सिर्फ़ उसके सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था के आकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तब और साफ़ तौर पर दिखती है जब इन क्षमताओं को व्यापार, निवेश और जॉइंट फाइनेंसिंग के नेटवर्क में बदला जाता है, यानी संभावित सहयोग से असल कामकाज वाले सहयोग की ओर बढ़ना.'
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली BRICS समिट 2026 के लिए भारत पहुंचे.
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, सदस्य देशों और पार्टनर देशों के 2000 से ज़्यादा बिजनेस लीडर्स और डेलीगेट्स के आज यहां इकट्ठा होने के साथ, यह अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है. इस फोरम में नॉन-टैरिफ बैरियर्स, ग्लोबल वैल्यू चेन पर असर, खेती और एग्री-टेक्नोलॉजी, सर्विस ट्रेड, महिलाओं के नेतृत्व वाले बिज़नेस और डिजिटल इकॉनमी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है. ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल ने 44 से ज़्यादा सुझावों के साथ अपनी सालाना रिपोर्ट पूरी कर ली है. ब्रिक्स विमेंस बिज़नेस अलायंस ने पिछले 2 दिनों में बैठक की और ब्रिक्स देशों में महिलाओं के नेतृत्व वाले बिज़नेस की बड़ी भूमिका के लिए रास्ता तैयार किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स नेताओं, ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के अध्यक्षों और ब्रिक्स महिला बिजनेस अलायंस के साथ ग्रुप फोटो कराई.
द्विपक्षीय बैठक के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही कार में बैठकर भारत मंडपम में हो रही प्रदर्शनी के लिए रवाना हुए. यहां जल्द ही ब्रिक्स बिजनेस फोरम का लीडर्स सेशन आयोजित होगा.
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी BRICS समिट 2026 के लिए भारत पहुंचे. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया.
प्रधानमंत्री मोदी और व्लादिमीर पुतिन की बैठक खत्म हो चुकी है. दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक चर्चा हुई.
पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल संत तिरुवल्लुवर की पुस्तक तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया. पीएम मोदी ने पुतिन को ये पुस्तक भेंट करते हुए इसके बारे में जानकारी दीं और कहा कि हमारे सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने में इस पुस्तक की भूमिका रहेगी. तिरुक्कुरल (Thirukkural) तमिल साहित्य की सबसे महान और विश्व प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है. इसे 'तमिल वेद' भी कहा जाता है. इस पुस्तक का रूसी समेत कई भाषाओं में अनुवाद हो चुका है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को संत तिरुवल्लुवर की किताब का रूसी अनुवाद उपहार में दिया. (Input: Pranay)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मेगा मीटिंग जारी है. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. रूस के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाना, रेल सेक्टर और टनलिंग में सहयोग, स्टील वैल्यू चेन विकसित करना, B2B के और मौके और रूसी बाज़ार तक पहुंच बढ़ाना प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं. 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य तय किया जा सकता है. इसके साथ ही सिविल न्यूक्लियर सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की जा सकती है. जिसमें फ्यूल साइकिल और लाइफ साइकिल सपोर्ट शामिल है.
नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा BRICS Summit 2026 के लिए भारत पहुंचे.
शी जिनपिंग के दिल्ली आगमन पर भारत अपनी 'अतिथि देवो भव' की महान परंपरा निभाते हुए मेजबानी में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. लेकिन, राजनयिक आवभगत और मुस्कराहटों के बावजूद गलवान संघर्ष की कड़वी यादें और अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं पर चीन की आक्रामक हरकतों का साया भी हावी रहेगा. कई विशेषज्ञ दुनिया के सबसे बड़े पड़ोसियों के बदले मिजाज पर कॉमेंट्री करते रहे हैं. पूरी खबर यहां क्लिक कर पढ़ें - दो पड़ोसी, नई दास्तान... भारत-चीन संबंधों के बदले नियम और जमीनी सच्चाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली मुलाकात में अब एक घंटे से भी कम का समय बचा हुआ है.
जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन या चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जैसे बड़े नेता भारत आते हैं, तो उनकी यात्रा आम दौरे जैसी नहीं होती. एयरपोर्ट से लेकर मीटिंग की जगह तक हर चीज पहले से तय और व्यवस्थित होती है. उनका काफिला किस रास्ते से जाएगा, सुरक्षा कैसे रहेगी और यात्रा से जुड़ी तमाम व्यवस्थाएं कैसे होंगी? ये सारी जिम्मेदारियां आखिर किनके जिम्मे होती है? पूरी खबर यहां क्लिक कर पढ़ें - पुतिन, जिनपिंग भारत में! कौनसी है वो टीम, जो तय करती है, वो किस रास्ते से जाएंगे और कहां रुकेंगे?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस BRICS Summit 2026 में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं. नई दिल्ली में आयोजित इस अहम शिखर सम्मेलन में दुनियाभर के कई नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.
ब्रिक्स में शामिल होने के लिए ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन भी पहुंच गए हैं. उनका विमान पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस BRICS से पहले दिल्ली पहुंचे हैं.
BRICS Summit 2026 की तैयारियों को लेकर NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि ‘अतिथि देवो भव’ की भावना और विकसित भारत के विजन के साथ NDMC हमेशा तैयार रहता है. उन्होंने कहा कि G20, AI Summit हो या BRICS Summit, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDMC की टीम ने दिन-रात काम किया है. कुलजीत सिंह चहल के मुताबिक, शहर में करीब 20 फ्लावर बोर्ड लगाए जा रहे हैं और विभिन्न जगहों पर करीब 20 हजार गमले लगाए गए हैं. BRICS Summit से पहले दिल्ली को दीवाली की तरह रोशन किया गया है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने BRICS Summit 2026 को लेकर कहा कि मंच तैयार है. उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत वैश्विक नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत करता है. अमित शाह ने कहा कि BRICS Summit में आपसी संबंधों को मजबूत करने, सहयोग को तेज करने और साझा समृद्धि बढ़ाने के लिए विचार-विमर्श और कदम उठाए जाएंगे, ताकि दुनिया को बेहतर बनाया जा सके.
BRICS Summit 2026 में BRICS विमेंस बिजनेस अलायंस की फूड सिक्योरिटी चेयरपर्सन जैंडिले नोजिन्हले डेंगा ने भारत की BRICS अध्यक्षता की सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी BRICS अध्यक्षता के दौरान जो भूमिका निभाई, उसके लिए वह दिल से आभार व्यक्त करती हैं. उन्होंने कहा कि बैठकों में हिस्सा लेने, रिपोर्ट्स सुनने और भारत की अध्यक्षता के दौरान हुए कामों के प्रभाव को देखने का अवसर मिला.
BRICS Summit में शामिल होने आ रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के विमान ने भारतीय एयरस्पेस में एंट्री कर ली है. राष्ट्रपति पेजेशकियान जल्द ही दिल्ली पहुंचेंगे, जहां वह BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेंगे.
BRICS Summit 2026 को लेकर बीजेपी सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि यह एक बेहद बड़ा और महत्वपूर्ण आयोजन है. उन्होंने कहा कि BRICS से जुड़े देश दुनिया की दो-तिहाई से ज्यादा आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के करीब 40 फीसदी हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं. विवेक ठाकुर ने कहा कि इस आयोजन पर पूरी दुनिया की नजर है और भारत के लिए इसकी मेजबानी करना गर्व की बात है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यही वजह है कि शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन जैसे नेता अपने-अपने कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों के साथ भारत आए हैं.
BRICS बिजनेस फोरम में ईरान के BRICS बिजनेस काउंसिल के चेयरमैन डॉ. माजिद घासेमी ने सदस्य देशों के बीच परिवहन और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि BRICS देशों को साझा ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर, बंदरगाह और रेलवे कनेक्टिविटी में निवेश करना चाहिए. साथ ही मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म विकसित करने की जरूरत है. डॉ. घासेमी ने सदस्य देशों के बीच डिजिटल कस्टम्स दस्तावेजों समेत इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसपोर्ट डॉक्यूमेंट्स को आपसी मान्यता देने की भी बात कही.
BRICS में भारत-चीन-रूस के बीच किन मुद्दों पर बनेगी सहमति? वीडियो में देखें इसको लेकर क्या बोलीं प्रोफेसर अंशु जोशी.
ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान BRICS Summit 2026 में शामिल होने के लिए भारत रवाना हो गए हैं. भारत में ईरान के दूतावास ने इसकी जानकारी दी.
BRICS 2026 में इथियोपियन सोलर एनर्जी डेवलपमेंट एसोसिएशन के चेयरमैन डेरेजे वालेग्न मेरा ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन की तैयारी के पीछे पहले से करीब छह महीने की मेहनत की गई है. उन्होंने कहा कि सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी के एजेंडे पर एनर्जी, हरित अर्थव्यवस्था और जलवायु कार्य समूह काम कर रहा है. यह समूह समस्याओं, अवसरों और संभावित जोखिमों की पहचान करता है, ताकि BRICS और BRICS+ देशों के बीच रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में बहुपक्षीय विकास और सहयोग को बढ़ाया जा सके.
SJ-100 विमान के उत्पादन को लेकर रूस की स्किल डेवलपमेंट एजेंसी की डिप्टी डायरेक्टर अलीना सिंह (दोस्कानोवा) ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर विमानों का उत्पादन करना एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि एक विमान को बनाने में करीब एक साल तक का समय लग सकता है, हालांकि यह उत्पादन क्षमता और दक्षता पर निर्भर करेगा. सबसे अहम बात यह होगी कि उत्पादन प्रक्रिया को किस तरह व्यवस्थित किया जाता है. अलीना सिंह ने कहा कि रूसी इंजीनियर और भारतीय मैनेजर मिलकर प्रोडक्शन लाइन स्थापित करेंगे. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में SJ-100 विमानों के उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी मेहनत करनी होगी.
दिल्ली में BRICS Summit 2026 के दौरान ASSOCHAM के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए BRICS देशों के पास भरपूर अवसर हैं. उन्होंने कहा कि हर देश की अपनी अलग ताकत और क्षमता है, इसलिए सभी देशों को एक-दूसरे की खूबियों और ताकत का सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए.
पीएम नरेंद्र मोदी 11 से 13 सितंबर तक भारत मंडपम और हैदराबाद हाउस में कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. शुक्रवार को रूस, ईरान और संयुक्त राष्ट्र के प्रमुखों से मुलाकात होगी. शनिवार को इथियोपिया, मलेशिया, अबू धाबी, वियतनाम और चीन के नेताओं से बातचीत तय है, वहीं राष्ट्रपति भी ईरानी राष्ट्रपति से मिलेंगे. रविवार को कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपतियों से मुलाकात होगी. यह पूरा शेड्यूल भारत की व्यापक कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक साझेदारी को दर्शाता है.
BRICS समिट से पहले BRICS बिजनेस फोरम का उद्घाटन हुआ. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि यह साल एक मील का पत्थर है, क्योंकि संस्थागत BRICS सहयोग के 20 साल पूरे हो रहे हैं.
देखिए, नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन का क्या है एजेंडा? सम्मेलन को लेकर कैसी हैं तैयारियां? जानिए पूरी जानकारी
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि BRICS का उद्देश्य सदस्य देशों के लोगों के लिए रोजगार, संपत्ति और समृद्धि के अवसर पैदा करना है. BRICS के सदस्य देश दुनिया की करीब आधी आबादी और वैश्विक GDP के 40 फीसदी हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं.
उन्होंने कहा, “दोस्तों, BRICS देश वैश्विक व्यापार में भी लगभग एक-चौथाई हिस्सेदारी रखते हैं और भारत अंतर-BRICS व्यापार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है.”
पीयूष गोयल ने कहा कि इंजीनियरिंग उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक्स भारत के विनिर्मित निर्यात के सबसे बड़े क्षेत्रों में शामिल हैं. भारत को दुनिया की फार्मेसी के रूप में भी जाना जाता है. भारत BRICS को इन और अन्य उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देखता है, जिन्हें वह एक भरोसेमंद साझेदार के तौर पर दुनिया तक पहुंचाना चाहता है.
उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि साझेदार देशों के बीच व्यापार गहरा और मजबूत होना चाहिए. सप्लाई चेन विविध और लचीली होनी चाहिए. यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी समय व्यापार, विकास और सदस्य देशों के लोगों की भलाई में बाधा न बने.
पीयूष गोयल ने कहा कि BRICS देशों को एक-दूसरे के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए. इसमें कच्चा माल और महत्वपूर्ण खनिज भी शामिल हैं. सप्लाई चेन तभी वास्तव में मजबूत होगी, जब वह दोनों दिशाओं में काम करेगी. उन्होंने कहा कि गैर-टैरिफ उपाय कई बार निर्यात की लागत को इतना बढ़ा देते हैं कि उनका असर टैरिफ से भी ज्यादा हो जाता है. इसलिए BRICS देशों को बाजार तक पहुंच को आसान और सुगम बनाना होगा.
पीयूष गोयल ने BRICS सदस्य देशों और साझेदार देशों से अपने बाजार खोलने की अपील की. उन्होंने कहा कि सभी देशों को मिलकर नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाना चाहिए और माल की खेपों की तेजी से मंजूरी सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया. कहा कि BRICS देशों के किसानों के लिए समाधान विकसित करने के वास्ते एग्रीटेक स्टार्टअप्स को मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. यह लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के हित में जरूरी है.
पीयूष गोयल ने कहा कि BRICS देशों को एक-दूसरे के लिए सेवा क्षेत्र का बाजार भी खोलना चाहिए. वास्तविक अर्थों में पेशेवरों की सीमाओं के पार आवाजाही आसान होनी चाहिए और एक-दूसरे की पेशेवर योग्यताओं को मान्यता देना भी सरल बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्हें यह बताते हुए बेहद गर्व हो रहा है कि भारत के 2.5 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से 45 फीसदी से ज्यादा में कम से कम एक महिला पार्टनर या डायरेक्टर है.
पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले एक दशक में दिए गए छोटे कर्जों में से करीब दो-तिहाई महिला उद्यमियों को दिए गए हैं. इससे महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने, स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है. उन्होंने बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में नई दिल्ली में BRICS वूमेन बिजनेस एलायंस की बैठक हुई थी. उन्होंने महिला नेतृत्व वाले उद्यमों से अपील की है कि वे हर BRICS प्रदर्शनी, ट्रेड फेयर और अन्य अवसरों में हिस्सा लें. सभी देशों को ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित और समर्थन देना चाहिए.
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है. उन्होंने कहा कि भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने 250 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन दर्ज किए हैं और यह दुनिया भर में होने वाले डिजिटल ट्रांजैक्शन की संख्या के आधे से ज्यादा का प्रतिनिधित्व करता है. उन्होंने कहा कि आज UPI को 11 देशों में स्वीकार किया जा रहा है. उन्होंने BRICS सदस्य देशों और साझेदार देशों से अपने पेमेंट सिस्टम को जोड़ने की अपील की, ताकि एक-दूसरे की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके.
पीयूष गोयल ने कहा कि हमें डिजिटल ट्रेड को वैश्विक बनाना चाहिए और भविष्य के लिए मिलकर काम करना चाहिए. उभरती हुई तकनीकों के क्षेत्र में भारत के पास कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल्स, ऑटो कंपोनेंट्स और सेवा क्षेत्र समेत कई सेक्टर में मजबूत क्षमताएं हैं. उन्होंने कहा कि BRICS देशों को अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी आपस में जोड़ना चाहिए. ये क्षेत्र संयुक्त इनोवेशन, तकनीकी साझेदारी और मजबूत वैश्विक मूल्य श्रृंखला यानी ग्लोबल वैल्यू चेन के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं.
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है. आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य 140 करोड़ भारतीयों ने अपने लिए तय किया है. उन्होंने कहा कि भारत BRICS सदस्य देशों और साझेदार देशों के साथ सहयोग को और गहरा करने की अपार संभावनाएं देखता है.
BRICS Summit 2026 में रूस की कंपनी GSBI Ltd के संस्थापक और CEO अलेक्जेंडर कोकोव ने भारत की मेजबानी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत ने इस फोरम का शानदार आयोजन किया है और सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की हैं.
अलेक्जेंडर कोकोव ने कहा कि BRICS देशों की अर्थव्यवस्थाओं में जबरदस्त विकास की संभावनाएं हैं. कृषि से लेकर हाई-टेक सेक्टर तक आर्थिक सहयोग और विकास के बड़े अवसर मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि BRICS देशों की अर्थव्यवस्थाओं में आगे भी तेज आर्थिक विकास की काफी संभावनाएं हैं.
18वें BRICS Summit के दौरान चीनी मीडिया CGTN की पत्रकार ली जिंगजिंग ने भारत-चीन सहयोग को बेहद अहम बताया. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की नजर भारत और चीन के बीच सहयोग पर है.
उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ और विकासशील देश एक समान विश्व व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जिसमें उनके हितों और मांगों को भी उचित जगह मिले. ग्लोबल साउथ के देशों की साझा चिंता है कि वैश्विक मंच पर उनके लोगों के हितों और आवाज को पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा है.
ली जिंगजिंग ने कहा कि BRICS जैसे मंचों के जरिए विकासशील देश अपनी चिंताएं उठा रहे हैं और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चीन ग्लोबल साउथ के विकास का समर्थन करता है और राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी साफ़ कर चुके हैं कि चीन हमेशा ग्लोबल साउथ का सदस्य रहेगा.
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा 18वें BRICS समिट में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं.
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS Summit में शामिल होने पहुंचीं एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की अध्यक्ष झोउ जियाई से मुलाकात की.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिन के भारत दौरे पर हैं. BRICS समिट में हिस्सा लेने के अलावा वह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और यूक्रेन युद्ध समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी.
दुनियाभर से दिग्गज नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं. ब्रिक्स में आने वाले नेताओं का पूरा शेड्यूल जानने के लिए यहां क्लिक करें - दिल्ली पहुंचे पुतिन, कल आएंगे जिनपिंग... जानें BRICS में आने वाले 25 नेताओं का शेड्यूल
BRICS समिट के लिए दिल्ली में हाई अलर्ट है. 15 हजार पुलिसकर्मी, 200 पैरामिलिट्री कंपनियां और 500 से ज्यादा CCTV कैमरों के जरिए सुरक्षा की जा रही है. 35 से ज्यादा सड़कें प्रभावित हो सकती हैं. सुरक्षा को लेकर और क्या तैयारियां हैं, पूरी खबर यहां क्लिक कर पढ़ें - एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट, इमारतों पर स्नाइपर और एंटी-एयरक्राफ्ट गन, दिल्ली की ओर देखा भी तो...
BRICS नेताओं के भारत आगमन से पहले कलाकार मानस कुमार साहू ने खास सैंड आर्ट बनाकर उनका स्वागत किया. इस कलाकृति के जरिए भारत की ओर से BRICS नेताओं का अभिनंदन किया गया.
फिलीपींस की विदेश मामलों की सचिव मा. थेरेसा पी. लाजारो BRICS Summit 2026 में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गई हैं. दिल्ली में होने वाले इस अहम सम्मेलन में दुनियाभर के नेता और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे.
दिल्ली में ब्रिक्स समिट को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. कई रूट डायवर्ट किए गए हैं, स्कूलों में छुट्टी की गई है. इन दो दिन में दिल्ली के कई जगह बंद रहेंगे और कुछ रूट्स पर आवाजाही की मनाही होगी. ऐसे में दिल्ली में रहने वाले लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि 11 से 13 सितंबर के बीच क्या-क्या बंद रहेगा और किन सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई जानकारी शेयर हो रही है, जिसमें कई गलत भी हैं. इन दो दिन दिल्ली में क्या-क्या अलग होगा, डिटेल्स जानने के लिए यहां क्लिक करें - मेट्रो चलेगी या नहीं, 100 ट्रेनें भी प्रभावित... BRICS से शनिवार-रविवार को दिल्ली में क्या-क्या बंद रहेगा?
दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS Summit 2026 से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. सम्मेलन में दुनियाभर के नेताओं के शामिल होने को देखते हुए भारत मंडपम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता BRICS Summit के लिए जुटेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की भावना के साथ विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी.
पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक के जरिए अच्छे लोगों की संगति और उनके साथ संवाद व मित्रता का संदेश भी दिया.
श्लोक का भावार्थ है कि अच्छे लोगों के साथ ही चलना चाहिए और उनकी संगति करनी चाहिए. सज्जनों के साथ संवाद और मित्रता करनी चाहिए, जबकि बुरे लोगों के साथ किसी तरह का संबंध नहीं रखना चाहिए.