संसद भवन परिसर में बंदर अक्सर उत्पात मचाते हुए नजर आते हैं. बंदरों को दूर भगाने के लिए संसद परिसर में असलम खान अपने मुंह से लंगूर की आवाज निकालने का काम करते हैं. इसके लिए वह संसद परिसर में घूम-घूमकर लंगूर की आवाज निकालते हैं और बंदर भगाने का काम करते हैं.
संसद परिसर में विशेष कर्मचारियों के रूप में असलम खान की नियुक्ति 'मानव लंगूर' के रूप में की गई है. असलम खान अपने इस अनोखे उपाय से बंदरों को डराकर भगाने का काम करते हैं. संसद भवन परिसर में आने वाले लोगों और पौधों की सुरक्षा करने के लिए असलम खान यह काम करते हैं.
लंगूर की आवाज निकालने वाले असलम खान ने 'आजतक' से बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि संसद परिसर के करीब 500 से 1000 के आसपास बंदर होंगे, जिनकी आवाज हम निकालकर उन्हें भगाने का काम करते हैं. उन्होंने बताया कि ये बंदर नुकसान पहुंचाते हैं, पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचाते हैं, इस वजह से इस तरीके की अलग आवाज निकालकर बंदरों को भगाया जाता है.
संसद परिसर में बंदर भगाते असलम खान
बता दें कि संसद भवन परिसर में उत्पात मचाने वाले बंदरों को भगाने के लिए चार लोगों को नियुक्त किया गया था, जिसमें से एक असलम खान हैं. असलम खान लंगूर की आवाज निकाल कर एवं अन्य उपायों से बंदरों को भगाने का काम करते हैं.
संसद सुरक्षा सेवा के द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, ऐसा पाया गया है कि संसद भवन परिसर में बंदरों की अक्सर मौजूदगी देखी गई है .इसमें उन रिपोर्ट का जिक्र है, जिसके अनुसार संसद भवन की देखरेख करने वाले कुछ कर्मियों द्वारा खानपान की बची हुई चीजों को कूड़ेदान एवं खुले में फेंका जाता है .
संसद भवन परिसर में बंदरों का कहर
खानपान की बची हुई चीजों को कूड़ेदान और खुले में फेंकने से बंदरों, बिल्लियों और चूहों को आकर्षित करने का कारण बनता है. ऐसे में बंदर उसके चलते आते हैं. बंदरों के उत्पात को नियंत्रित करने के लिये संसद सुरक्षा सेवा ने चार लोगों को नियुक्त किया, जिसमें असलम खान भी शामिल हैं.
संसद में बंदरों को भगाने के लिए नियुक्त किए गए असलम खान ने बताया कि पहले बंदरों को भगाने के लिए लंगूर को रखा जाता था, पर अब इस पर प्रतिबंध लग गया है. उन्होंने कहा कि हमें संसद में बंदरों को भगाने के लिए अनुबंधन पर रखा गया.
हम संसद भवन में लंगूर की आवाज निकालकर एवं दूसरे तरह के उपायों से बंदरों को भगाने का काम करते हैं. उन्होंने बताया कि संसद परिसर में बंदरों को भगाने के लिए दो तरह के कर्मियों को रखा गया है. इसमें एक श्रेणी कुशल एवं दूसरी अकुशल कर्मी की है.
जितेंद्र बहादुर सिंह