आंध्र प्रदेश के पुलिवेंदुला में स्थानीय निकाय चुनाव की कवरेज कर रहे आजतक के एक पत्रकार और कैमरामैन पर भीड़ ने हमला कर दिया. इस दौरान उनका वीडियो कैमरा तोड़ दिया गया और मोबाइल फोन भी छीन लिए गए. घटना के बाद सत्तारूढ़ टीडीपी और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है. दोनों दलों ने एक-दूसरे पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है.
आजतक के एसोसिएट एडिटर अब्दुल बशीर और वीडियो जर्नलिस्ट एस. विजय शनिवार को हैदराबाद से पुलिवेंदुला पहुंचे थे. दोनों स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान की कवरेज कर रहे थे. रविवार को एक मतदान केंद्र के पास मौजूद रहने के दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया.
इस घटना में एनटीवी के रिपोर्टर सुरेश समेत कुछ अन्य मीडिया कर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है. वहीं, साक्षी टीवी के एग्जीक्यूटिव एडिटर इस्माइल पर भी मतदान के दौरान पत्थरों से हमला किए जाने का आरोप है.
टीडीपी ने वाईएसआरसीपी पर लगाया हमला कराने का आरोप
घटना के बाद टीडीपी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें अब्दुल बशीर डरे हुए कैमरामैन को शांत करते नजर आ रहे हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी ने जानबूझकर आजतक की टीम को निशाना बनाया. टीडीपी ने दावा किया कि यह हमला गठबंधन सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की साजिश का हिस्सा था. पार्टी ने अपने पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर भी सीधे निशाना साधा.
वाईएसआरसीपी ने आरोपों को बताया गलत
वाईएसआरसीपी ने टीडीपी के आरोपों को खारिज करते हुए उस पर विपक्ष के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया. पार्टी ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें अब्दुल बशीर और घायल पत्रकार जगन मोहन रेड्डी से मुलाकात करते दिख रहे हैं. वाईएसआरसीपी ने कहा कि आरोप लगाने के बजाय पत्रकारों की बात सुनी जानी चाहिए. पार्टी ने टीडीपी पर पुलिवेंदुला में लोगों को मतदान केंद्रों तक पहुंचने से रोकने और एजेंटों को अंदर जाने से रोकने के लिए लाठी और चाकू बांटने का भी आरोप लगाया.
जगन मोहन रेड्डी ने घायल पत्रकारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना. उन्होंने हमले की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने की अनुमति मिलनी चाहिए. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की.
अपूर्वा जयचंद्रन / अब्दुल बशीर