केतन अग्रवाल को पहले अपाहिज बनाना चाहते थे सिया और चेतन, बाद में बनाया हत्या का प्लान

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पहले केतन को एक हादसे में स्थायी रूप से अपाहिज बनाने की योजना बनाई थी, ताकि शादी और बाली ट्रिप रद्द कराई जा सके. बाद में दोनों ने हत्या की साजिश रची.

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केतन अग्रवाल (L) की हत्या से पहले सिया (M) और चेतन (R) की साजिश उसे अपाहिज बनाने की थी. (Photo: ITG/@GFX) केतन अग्रवाल (L) की हत्या से पहले सिया (M) और चेतन (R) की साजिश उसे अपाहिज बनाने की थी. (Photo: ITG/@GFX)

ओमकार

  • पुणे,
  • 21 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:09 PM IST

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने शुरुआत में केतन अग्रवाल की हत्या नहीं, बल्कि उसे एक सुनियोजित हादसे के जरिए हमेशा के लिए अपाहिज बनाने की साजिश रची थी. उनका मकसद ऐसा हादसा दिखाना था, जिससे केतन का हाथ या पैर खराब हो जाए और 6 जून को प्रस्तावित बाली ट्रिप और सिया के साथ केतन की शादी बिना किसी शक के रद्द कराई जा सके.

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जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी बाली ट्रिप से बचने के लिए अलग-अलग बहानों पर चर्चा कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने सड़क हादसे या लूटपाट जैसी घटना का नाटक रचने का विचार किया, जिसमें केतन गंभीर रूप से घायल हो जाए. पुलिस के अनुसार, सिया का मानना था कि यदि केतन स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है तो वह अपने परिवार को शादी तोड़ने के लिए आसानी से मना सकेगी.

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पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी किसी हथियार से सीधे हत्या नहीं करना चाहते थे. उनकी योजना ऐसी मौत की थी, जो पूरी तरह दुर्घटना लगे और पीछे कोई सबूत न बचे. जांच में यह भी सामने आया है कि सिया गोयल ने कथित तौर पर गूगल पर यह भी सर्च किया था कि क्या स्लो पॉइजन का पता लगाया जा सकता है. जांच में पता चला है कि दोनों ने वारदात के लिए लोनावला के आसपास टाइगर पॉइंट, विसापुर किला समेत कई जगहों का जायजा लिया था. आखिरकार उन्होंने लोहागढ़ किले को वारदात के लिए चुना.

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पुलिस के मुताबिक, 31 मई से पहले ही दोनों ने केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देने की योजना बना ली थी. हालांकि, 31 मई को जब सिया और केतन किले पर पहुंचे तो सिया ने केवल इलाके की रेकी की और मौके की जानकारी जुटाई. जांच एजेंसियों का दावा है कि उस दिन मौका होने के बावजूद सिया ने किसी तरह का जोखिम नहीं उठाया. बाद में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच चर्चा हुई और दोनों ने वारदात को अंजाम देने के लिए लोहागढ़ किले को चुना.

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सिया और केतन 14 जून को एक बार फिर लोहागढ़ किले पर पहुंचे. जांच के अनुसार, उस दिन भी सिया अपनी योजना को अंजाम नहीं दे सकी और बाद में उसने सांप दिखने का बहाना बनाया. इस बीच केतन ने 19 जून को सिया का जन्मदिन महाबलेश्वर के एक रिजॉर्ट में मनाने की योजना बनाई थी. पुलिस का दावा है कि उस ट्रिप से बचने के लिए सिया और चेतन ने 18 जून को फिर से लोहागढ़ जाने का फैसला किया. जांच में यह भी सामने आया है कि 14 जून से 18 जून के बीच सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पुणे के बेवर्ली हिल्स इलाके में कई बार किसी व्यक्ति को धक्का देने की रिहर्सल की थी. 

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