पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस अब आरोपी चेतन चौधरी के 'गेट एनालिसिस' (चलने के तरीके की फॉरेंसिक जांच) की तैयारी कर रही है. पुलिस ने सोमवार को अदालत को बताया कि लोणावला स्थित लोहागढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे व्यक्ति के चाल-ढाल की तुलना चेतन के दोबारा बनाए गए वीडियो से की जाएगी. यह तकनीक खासतौर पर तब इस्तेमाल होती है, जब आरोपी चेहरा छिपाने के लिए हुडी, मास्क या हेलमेट पहनता है. पुलिस के मुताबिक हत्या वाले दिन चेतन ने भी हुडी पहन रखी थी.
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी चेतन चौधरी और केतन की मंगेतर सिया गोयल की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी. पुलिस ने अदालत को बताया कि अभी जांच के कई पहलुओं की पड़ताल बाकी है, जिनमें किले पर हत्या की सही लोकेशन, डिलीट किए गए डिजिटल सबूत और मृतक के गायब पासपोर्ट की बरामदगी शामिल है. 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या कर 18 जून को उसे पुणे जिले के लोहागढ़ किले से खाई में धक्का दे दिया था.
पुलिस अब चेतन को उसी तरह की हुडी पहनाकर उसी इलाके में चलवाने की तैयारी कर रही है, ताकि सीसीटीवी फुटेज में कैद व्यक्ति की चाल-ढाल से उसकी तुलना की जा सके. पुलिस अधिकारी ने अदालत को बताया, 'हम चेतन का गेट एनालिसिस कराने की योजना बना रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज में वह हुडी पहनकर चेहरा छिपाते हुए चलता दिखाई दे रहा है. उसकी चाल की तुलना दोबारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो से की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि दोनों फुटेज में चलने का पैटर्न एक जैसा है या नहीं.'
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चेतन-सिया ने धक्का देने वाली जगह की रेकी की थी
दोनों आरोपियों को सोमवार को पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद वडगांव मावल की अदालत में पेश किया गया. सरकारी वकील राजश्री वीरकुड़ ने अदालत को बताया कि जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले ही किले पर जाकर उस जगह की रेकी कर चुके थे, जहां से केतन को धक्का दिया जा सकता था. उन्होंने कहा कि इस पहलू पर पूछताछ के लिए हिरासत बढ़ाना जरूरी है. अभियोजन पक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि दोनों आरोपियों ने साजिश रचने के लिए कई जगहों पर मुलाकातें की थीं, जिनकी विस्तार से जांच की जानी है.
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने डिजिटल डेटा भी डिलीट कर दिया था, जिसे अब रिकवर करने की प्रक्रिया जारी है. रिकवर होने के बाद उसी के आधार पर उनसे गहन पूछताछ की जाएगी. पुलिस ने बताया कि 28 जून को सिया के बयान के आधार पर घटनाक्रम का रीक्रिएशन किया गया था, जिसे अब चेतन के साथ मिलाकर सत्यापित किया जाएगा. अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि घटना के दौरान दोनों आरोपियों की लोहागढ़ किले पर कुछ लोगों से बातचीत हुई थी. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि सिया केतन के साथ प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली नहीं जाना चाहती थी.
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सिया ने केतन का पासपोर्ट बैग से निकालकर फेंका
पुलिस का आरोप है कि सिया ने पुणे से मुंबई जाते समय रायगढ़ जिले के खालापुर फूड मॉल के पास केतन का पासपोर्ट उसके बैग से निकालकर फेंक दिया था. पुलिस अब सिया की मदद से उस पासपोर्ट की तलाश कर रही है. अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि कुछ महत्वपूर्ण गवाह हाल ही में सामने आए हैं, जिनके बयानों की पुष्टि के लिए आरोपियों का आमना-सामना कराया जाएगा. वहीं सिया की ओर से पैरवी कर रहे वकील विपुल दुशिंग ने उसकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया, जबकि चेतन के वकील राम शाहाणे ने कहा कि एफआईआर में उनके मुवक्किल की भूमिका स्पष्ट नहीं है.
पुलिस सिया को रविवार को लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी, जहां एक डमी की मदद से क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया. पुलिस के मुताबिक सिया ने बैठकर संकेत दिया था, जिसके बाद चेतन ने केतन को खाई में धक्का दिया. जांच में यह भी सामने आया कि चेतन कार के बजाय स्कूटर से किले पर गया था ताकि टोल प्लाजा पर उसकी पहचान न हो सके. पुलिस अधिकारी ने बताया कि चेतन किले पर हुडी पहनकर चढ़ा था. बाद में उसने हुडी उतार दी और काले रंग की टी-शर्ट में रहा. लौटते समय उसने फिर से हुडी पहन ली थी, ताकि किसी का ध्यान उसकी ओर न जाए. पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद वह उसी स्कूटर से पुणे वापस लौट गया था. फिलहाल पुलिस गेट एनालिसिस, घटनाक्रम के रीक्रिएशन, गायब पासपोर्ट, डिलीट डिजिटल सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर केस को मजबूत करने में जुटी है.
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