मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में एक डेवलपर से अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के नाम पर 11 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक NGO मालिक को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है. इस NGO मालिक ने शिकायतकर्ता डेवलपर के अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने और सरकारी एजेंसियों व नगर निकाय में शिकायतें करके काम में बाधा डालने की धमकी दी थी.
FIR में आरोपी क्लेमेंटिनस फारो का नाम आठवें आरोपी के तौर पर दर्ज है. पिछले हफ्ते, एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने बच्चों के खिलौने वाले नोटों का इस्तेमाल करके 25 लाख रुपये की पहली किश्त के रूप में एक जाल बिछाया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया. रंगदारी की पहली किश्त लेते हुए एक महिला समेत पांचों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया था.
आरोपी एक प्रॉपर्टी के विकास की अनुमति देने के बदले करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने के लिए डेवलपर को हत्या और रेप के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे थे. 11 करोड़ रुपये की तय रंगदारी में से 25 लाख रुपये की पहली किश्त देने के लिए बांद्रा में डेवलपर के ऑफिस में जाल बिछाने के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं.
एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के अधिकारियों ने 2 सितंबर को एथेल स्टीवन, डेनियल स्टीवन, नसीर शेख, अब्दुल्ला खान और रेमी फर्नांडीस को गिरफ्तार किया. इनमें से तीन को डेवलपर के ऑफिस में पहली किश्त लेते समय जाल में फंसाकर पकड़ा गया था, जबकि बाकी दो को बाद में गिरफ्तार किया गया.
पहले गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि फारो और टोनी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. आरोप है कि फारो ने प्रोजेक्ट के विकास में कोई बाधा न डालने के बदले अपने NGO के लिए 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी.
दिव्येश सिंह