सुनसान जगह, खड़ी चढ़ाई और मौत की खाई... सिया ने 'केतन मर्डर प्लान' के लिए लोहागढ़ ही क्यों चुना

महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले पर 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत एक हादसे से बढ़कर निकली जब पुलिस ने जांच में पाया कि उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी.

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ऐसे खुला केतन की हत्या का राज (Photo: itg) ऐसे खुला केतन की हत्या का राज (Photo: itg)

बिदिशा साहा / आकाश शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:44 PM IST

लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टानों से गिरकर 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है. शुरुआत में इसे एक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आई कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं लगती. पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची और 18 जून को उसे चट्टान से धक्का दे दिया. अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि कुछ महीनों बाद शादी करने वाली युवती अपने होने वाले पति की जान की दुश्मन बन गई?

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केतन के पिता विशाल अग्रवाल अपने बेटे को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं. उन्होंने कहा, 'वह बुढ़ापे में मेरा सहारा बनने वाला था. मुझे उम्मीद थी कि वह जिंदगी भर मेरे साथ रहेगा और एक दिन मेरी चिता को अग्नि देगा. लेकिन किसी के आपराधिक कृत्य ने मेरा बेटा मुझसे छीन लिया.'

परिवार अब भी यह समझने की कोशिश कर रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. पुलिस आने वाले दिनों में हत्या के पीछे की मंशा का खुलासा कर सकती है, लेकिन केतन की मौत से पहले हुई घटनाओं की कड़ी खुद कई सवाल खड़े करती है. बार-बार लोहागढ़ किले की ट्रेकिंग, बाली ट्रिप का कैंसिल होना, एक असफल मर्डर अटेम्प्ट और फिर उसी दोबारा जाना, ये सब कुछ अब जांच के केंद्र में हैं.

सवाल- कपल बार-बार क्यों जा रहा था लोहागढ़?

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इंडिया टुडे की ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने लोहागढ़ किले के जियोग्राफी, हाइट और आसपास के इलाके को देखा-समझा. जांच में पाया गया कि यह किला आसपास के एरिया से लगभग 600 फीट ऊंचा है. यहां खड़ी चट्टानें, गहरी खाइयां और ऐसे कई हिस्से हैं जो मेन टूरिस्ट पॉइंट से दूर और बेहद सुनसान रहते हैं.

सदियों पहले सुरक्षा के लिहाज से बनाए गए इस किले की संरचना ऐसी है कि कुछ जगहों पर भीड़भाड़ वाले रास्ते अचानक सुनसान और खतरनाक किनारों में बदल जाते हैं. खासकर गर्मियों और मानसून से पहले के मौसम में यहां पर्यटकों की संख्या कम हो जाती है, जिससे कई हिस्से और अधिक निर्जन हो जाते हैं. यही वजह है कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या लोहागढ़ को जानबूझकर एक क्राइम स्पॉट के रूप में चुना गया था.

फरवरी में सगाई, मई में पहली ट्रिप

केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी. परिवारों की सहमति से दोनों की शादी कुछ महीनों बाद होने वाली थी. 31 मई को दोनों पहली बार साथ में लोहागढ़ किले घूमने गए. इसके बाद 5 जून को फिर से वहां जाने की चर्चा हुई, लेकिन यह योजना पूरी नहीं हो सकी. केतन के पिता के मुताबिक परिवार को यह बात जरूर अजीब लग रही थी कि दोनों बार-बार उसी किले पर जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें किसी साजिश का जरा भी अंदेशा नहीं था.

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बाली ट्रिप भी नहीं हो सकी

6 जून को चार लोगों का एक बाली ट्रिप का प्लान बना था. लेकिन एयरपोर्ट पर केतन का पासपोर्ट कथित रूप से चोरी हो गया, जिसके कारण पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी और सभी को वापस लौटना पड़ा. इस घटना के बाद 14 जून को केतन और सिया एक बार फिर लोहागढ़ पहुंचे. परिवार ने इसकी परमिशन इसलिए दे दी क्योंकि बाली ट्रिप कैंसिल हो गई थी और पहले की एक प्लानिंग भी अधूरी रह गई थी.

14 जून को हुई थी पहली कोशिश?

अब पुलिस 14 जून की यात्रा को हत्या की पहली कोशिश के तौर पर देख रही है. जांचकर्ताओं के अनुसार इसी दिन सिया ने कथित रूप से केतन को एक चट्टान से धक्का दिया था. हालांकि वह बच गया क्योंकि नीचे गिरते समय एक पेड़ की शाखा ने उसकी जान बचा ली. पुलिस का दावा है कि इस घटना के बाद सिया ने केतन को बताया कि उसने चट्टान के किनारे एक सांप देख लिया था. घबराहट में उसे बचाने के लिए उसने धक्का दिया था. केतन ने इस बात पर विश्वास कर लिया और घटना को दुर्घटना मान लिया.

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या 14 जून की घटना वास्तव में हत्या की असफल कोशिश थी और क्या केतन को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह जिस व्यक्ति पर भरोसा कर रहा है, वही उसकी जान लेना चाहती है.

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18 जून को हुई मौत

पुलिस के अनुसार 18 जून को सिया गोयल और उसके मित्र चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को लोहागढ़ किले की एक चट्टान से नीचे धक्का दिया. शुरुआत में मामला हादसा जैसा लगा क्योंकि सिया ने अधिकारियों को बताया था कि केतन का पैर फिसल गया और वह गिर गया. हालांकि पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मुताबिक जांच के दौरान कई बातें संदिग्ध लगीं. केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और उसके अचानक फिसलकर गिरने की संभावना कम मानी गई. इसी आधार पर पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की.

सीसीटीवी से खुली साजिश की परत

जांच के दौरान पुलिस ने लोहागढ़ के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज में केतन और सिया साथ चलते दिखाई दिए. उनके पीछे एक तीसरा व्यक्ति भी नजर आया, जिसने हूडी पहन रखी थी और उसका चेहरा काफी हद तक ढका हुआ था. फुटेज में एक जगह सिया पीछे मुड़कर देखती हुई भी दिखाई देती है, जबकि वह व्यक्ति अचानक बैठ जाता है. उस दिन तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस था. ऐसे में गर्मी के बावजूद किसी का हूडी पहनना पुलिस को संदिग्ध लगा.

इंडिया टुडे ने लोहागढ़ किले के गेटकीपर धीरज जाधव से भी बात की. उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को देखा था, जो बाद में चेतन चौधरी निकला. वह मास्क और पूरे शरीर को ढकने वाले स्पोर्ट्स कपड़ों में था. जाधव के मुताबिक जब उन्होंने उससे 25 रुपये का प्रवेश टिकट खरीदने को कहा तो उसने खुद को व्यायाम करने आया व्यक्ति बताया और टिकट लेने से इनकार करते हुए किले की ओर बढ़ गया.

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जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाया गया
केतन के पिता का कहना है कि 18 जून की यात्रा सिया के 19 जून को होने वाले जन्मदिन के जश्न से जुड़ी थी. उन्होंने बताया कि सिया ने केतन की मां को फोन कर उसे दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाने जाने की अनुमति मांगी थी. परिवार पहले उसका जन्मदिन महाबलेश्वर मंदिर में मनाने की योजना बना रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने केतन को जाने की इजाजत दे दी. उन्हें नहीं पता था कि यह उनकी बेटे से आखिरी मुलाकात होगी.

केतन की मौत के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट भी लिखी थी, जिसमें कहा गया था, 'तुम मेरे जन्मदिन पर मुझे छोड़कर चले गए. हम शादी के इतने करीब थे.'

लेकिन बाद में सामने आए पुलिस के आरोपों ने इस पोस्ट और पूरे मामले को एक अलग ही संदर्भ दे दिया. फिलहाल पुणे की एक अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. वहीं केतन के पिता अब भी एक ही सवाल पूछ रहे हैं- 'अगर वह उससे शादी नहीं करना चाहती थी, तो मना कर देती. हम तुरंत शादी कैंसिल कर देते. आखिर उसे मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?'

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