महाराष्ट्र के लातूर में बारिश की कमी के चलते पानी का संकट अभी से गहराने लगा है. चाकूर तहसील के वड़वाल नागनाथ गांव में हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोगों को पानी के लिए दिन-रात कई घंटे कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है. लंबा इंतजार करने के बाद भी हर व्यक्ति को सिर्फ 5 घड़े पानी ही मिल पा रहा है. ऐसे में लोगों के सामने पीने के पानी के साथ घर की दूसरी जरूरतें पूरी करने का भी संकट खड़ा हो गया है.
करीब 11 हजार की आबादी वाले इस गांव में रोजाना लाखों लीटर पानी की जरूरत है. लेकिन गांव की पानी की टंकी में सप्लाई करने वाले कुओं और बोरवेल में पानी लगातार कम हो रहा है. पानी की उपलब्धता घटने के कारण ग्रामीणों को सीमित मात्रा में ही पानी मिल पा रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की कमी का असर अब पशुओं पर भी पड़ रहा है. उनका सवाल है कि जब इंसानों के लिए ही पानी नहीं है तो मवेशियों को पानी कहां से दिया जाए. ग्रामीणों के मुताबिक, कई किसान पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण अपने मवेशियों को बेचने को मजबूर हो रहे हैं.
लातूर में सामान्य बारिश की सिर्फ 30 फीसदी
इस संकट की बड़ी वजह इस साल हुई कम बारिश को माना जा रहा है. ग्रामीणों के मुताबिक, लातूर में मानसून के दौरान सामान्य बारिश की सिर्फ करीब 30 फीसदी बारिश हुई है. गर्मी का मौसम आने में अभी कई महीने बाकी हैं, लेकिन गांव में अभी से पानी की किल्लत शुरू हो गई है. ऐसे में गर्मियों में हालात और बिगड़ने की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं.
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में सरकारी टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई शुरू करने की मांग की है. साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर पानी की स्थिति का जायजा लेने की अपील की है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले महीनों में संकट और गंभीर हो सकता है.
अनिकेत जाधव