महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के कुरखेडा तालुका स्थित राणी खेडेगांव में शनिवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया. सती नदी में नहाने गए चार स्कूली बच्चों में से तीन की पानी में डूबने से मौत हो गई. हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में मातम छा गया. बताया जा रहा है कि बच्चों को नदी की गहराई और पानी के बहाव का अंदाजा नहीं था.
जानकारी के मुताबिक, चारों बच्चे नहाने के लिए नदी तक पहुंचे थे. इसी दौरान तीन बच्चे अचानक गहरे हिस्से में चले गए और देखते ही देखते पानी में समा गए. उनके साथ मौजूद चौथा बच्चा किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आया. उसने गांव पहुंचकर लोगों को घटना की जानकारी दी और मदद के लिए शोर मचाया.
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सूचना मिलते ही ग्रामीण सती नदी की ओर दौड़े और बच्चों की तलाश शुरू कर दी. काफी प्रयास के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. मृतकों की पहचान लक्ष्मण सुन्हेर दूधकवर (6), कुणाल रमेश दूधकवर (5) और मोहित हिवराज सराटे (11) के रूप में हुई है.
माता-पिता खेत में कर रहे थे काम
हादसे के वक्त बच्चों के माता-पिता धान की रोपाई के काम से खेतों में गए हुए थे. उन्हें जब बच्चों के नदी में डूबने की जानकारी मिली तो परिवार में कोहराम मच गया. तीन मासूमों की मौत की खबर से राणी खेडेगांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में हर तरफ गम का माहौल है.
घटना की सूचना मिलने के बाद पुराडा पुलिस भी मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा किया और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. हादसे के कारणों और घटनाक्रम को लेकर भी जानकारी जुटाई गई.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के मौसम में नदी-नालों में पानी बढ़ने के साथ बहाव भी तेज हो जाता है. ऐसे में गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. ग्रामीणों ने इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. प्रशासन की ओर से भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है.
बारिश में बढ़ जाता है हादसों का खतरा
बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ने के कारण नदी, नाले और दूसरे जलस्रोत ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं. ऐसे स्थानों पर बच्चों को अकेले जाने से रोकना जरूरी है. स्थानीय लोगों और प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को बिना निगरानी के नदी या जलाशय के आसपास न जाने दें.
इस हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक बच्चे के सुरक्षित बच निकलने से घटना की जानकारी समय पर ग्रामीणों तक पहुंची, लेकिन बचाव दल और ग्रामीणों की कोशिशों के बावजूद तीन परिवारों के चिराग बुझ गए. घटना के बाद कुरखेडा तालुका में शोक का माहौल है.
व्येंकटेश दुडमवार