पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी चेतन चौधरी ने कथित वारदात के दौरान अपनी पहचान छिपाने के लिए लोहगढ़ किले पर अपना हुलिया बदल लिया था. इतना ही नहीं, पुलिस को शक है कि आरोपी पहले से यह भी तैयारी करके आए थे कि पूछताछ के दौरान क्या जवाब देना है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल की हत्या के दौरान चेतन चौधरी ने पुलिस और दूसरे लोगों की नजर से बचने के लिए किले पर अपना हुलिया बदल लिया था. जांच करने वालों का दावा है कि लोहगढ़ पहुंचते समय चेतन ने हुडी पहनी थी और अपना चेहरा ढंका हुआ था. हालांकि, सिया गोयल और केतन के पीछे-पीछे किले की ओर जाने के बाद उसने हुडी उतारकर अपने बैग में रख ली थी.
तो केतन उसे पहचान सकता था...
पुलिस को शक है कि चेतन ने यह सावधानी इसलिए बरती, क्योंकि केतन पहले सिया के करीबी दोस्त के तौर पर उससे दो बार वीडियो कॉल पर बात कर चुका था. जांच करने वालों का मानना है कि अगर चेतन का चेहरा दिखता, तो केतन उसे पहचान सकता था. जांच के मुताबिक, केतन को घाटी में धकेलने के बाद चेतन ने फिर से हुडी पहन ली, अपना पुराना हुलिया अपना लिया और किले से ऐसे नीचे उतरा जैसे कुछ हुआ ही न हो.
पहले से ही जवाब तैयार किए
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नीचे उतरते समय उसने लोगों से बातचीत की और बाद में घर लौटने से पहले चाय पीने के लिए एक जगह रुका. जांच में यह भी पता चला है कि सिया और चेतन ने पुलिस की पूछताछ का अंदाजा लगा लिया था और पहले से ही जवाब तैयार कर लिए थे.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों ने ऑनलाइन उन संभावित सवालों के बारे में जानकारी जुटाई थी जो जांच के दौरान उनसे पूछे जा सकते थे और ऐसे अपराध के लिए क्या सजा हो सकती है.
वॉट्सएप से संपर्क में रहे सिया और चेतन
जांच करने वालों का यह भी दावा है कि लोहगढ़ की घटना के बाद घर लौटने पर सिया और चेतन वॉट्सएप के जरिए संपर्क में रहे. उनके बीच हुए कई मैसेज कथित तौर पर डिलीट कर दिए गए थे, और अब पुलिस फोरेंसिक एनालिसिस के जरिए डेटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि केतन अग्रवाल की मौत की चल रही जांच के सिलसिले में दोनों इस बात को लेकर सावधान थे कि उनके फोन पर कौन सी जानकारी रहती है और कौन सी हटाई जाती है?
जांच में यह भी पता चला है कि सिया और चेतन को पुलिस की पूछताछ का अंदाजा था और उन्होंने पहले से ही जवाब तैयार कर लिए थे.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने ऑनलाइन उन संभावित सवालों के बारे में जानकारी जुटाई थी जो जांच के दौरान उनसे पूछे जा सकते थे और साथ ही ऐसे अपराध के लिए मिलने वाली सजा के बारे में भी पता किया था.
ओमकार