'बॉडी मसाजर सेक्स टॉय नहीं, आयात पर नहीं लगा सकते पाबंदी', बॉम्बे हाईकोर्ट की दो टूक

हाईकोर्ट ने कहा कि एक बॉडी मसाजर को अडल्ट सेक्स टॉय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, ये पूरी तरह से कस्टम ड्यूटी कमिश्नर की कल्पना थी. हाईकोर्ट ने कस्टम ड्यूटी कमिश्नर की ओर से दायर एक याचिका को खारिज कर दिया.

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aajtak.in

  • मुंबई,
  • 21 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि बॉडी मसाजर को सेक्स टॉय के रूप में नहीं देखा जा सकता. लिहाजा इसे आयात के लिए प्रतिबंधित वस्तुओं की लिस्ट में भी शामिल नहीं किया जा सकता है. जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस किशोर संत की बेंच ने कस्टम ड्यूटी डिपार्टमेंट द्वारा बॉडी मसाजर वाली खेप को जब्त करने के आदेश को रद्द कर दिया. कस्टम ड्यूटी कमिश्नर ने यह दावा करते हुए सामान जब्त कर लिया था कि बॉडी मसाजर्स का इस्तेमाल अडल्ट सेक्स टॉय के रूप में किया जा सकता है और ऐसी वस्तुओं को आयात के लिए प्रतिबंधित किया गया है.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि एक बॉडी मसाजर को अडल्ट सेक्स टॉय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, ये पूरी तरह से कस्टम ड्यूटी कमिश्नर की कल्पना थी. हाईकोर्ट ने कस्टम ड्यूटी कमिश्नर की ओर से दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा पारित मई 2023 के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत कस्मट ड्यूटी विभाग के बॉडी मसाजर्स वाली खेप को जब्त करने के आदेश को रद्द कर दिया गया था.

एक्साइज ड्यूटी कमिश्नर ने अप्रैल 2022 में बॉडी मसाजर्स वाली खेप को यह कहते हुए मंजूरी देने से इनकार कर दिया था कि ये अडल्ट सेक्स टॉय थे और इसलिए जनवरी 1964 में जारी सीमा शुल्क अधिसूचना के अनुसार आयात के लिए निषिद्ध थे.

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इस मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि यह कमिश्नर की कल्पना या उनकी व्यक्तिगत धारणा थी कि सामान प्रतिबंधित वस्तुएं के तहत आता है. कोर्ट ने कहा कि बॉडी मसाजर्स का व्यापार घरेलू बाजारों में किया जाता है और इन्हें निषिद्ध वस्तु नहीं माना जाता है. कोर्ट ने कहा कि आयुक्त (निर्णयन अधिकारी) एक विवेकशील अधिकारी के रूप में कार्य करने में विफल रहे, जिनसे माल की निकासी के मुद्दे पर निर्णय लेते समय उचित कार्य करने की उम्मीद की जा सकती थी. HC ने कहा कि मसाजर जैसी मशीनों की तुलना उन वस्तुओं से नहीं की जा सकती है, जो पुस्तक, पैम्फलेट, कागज, ड्राइंग, पेंटिंग, प्रतिनिधित्व, आकृति या लेख आदि अधिसूचना के तहत निषिद्ध की प्रकृति में हैं. आयुक्त के आदेश से व्यथित होकर खेप के मालिकों ने न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया था.

ट्रिब्यूनल ने कमिश्नर के आदेश को रद्द करते हुए इसकी कड़ी आलोचना की और कहा कि कमिश्नर द्वारा बॉडी मसाजर को वयस्क सेक्स टॉय के रूप में वर्गीकृत करने का विचार पूरी तरह से अधिकारी की कल्पना थी. आयुक्त ने दावा किया था कि सामान पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लेने से पहले, विशेषज्ञों की राय ली गई थी जिन्होंने राय दी थी कि बॉडी मसाजर्स का अन्य उपयोग किया जा सकता है.

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