कौन हैं कंप्यूटर बाबा? जिससे मिलने वाले थे दिग्विजय सिंह, शिवराज सरकार ने दिया था राज्य मंत्री का दर्जा

नामदेव दास त्यागी को तेज दिमाग की वजह से दिग्विजय सिंह ने कंप्यूटर बाबा का नाम दिया. कंप्यूटर से नामदेव दास त्यागी का इतना ही नाता है. बाकी उनके लिए कंप्यूटर भी स्टाफ चलाता है.

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नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा

हेमेंद्र शर्मा

  • भोपाल,
  • 09 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 7:39 PM IST
  • शिवराज ने पिछली सरकार में दिया था राज्य मंत्री का दर्जा
  • कंप्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है
  • कमलनाथ ने बनाया था नदी संरक्षण प्राधिकरण का प्रमुख

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को इंदौर सेंट्रल जेल में कंप्यूटर बाबा के साथ होने वाली मुलाकात रद्द कर दी.  दिग्विजय सिंह ने रविवार को ऐलान किया था कि वह सोमवार दोपहर 2 बजे इंदौर सेंट्रल जेल में कंप्यूटर बाबा से मुलाकात करेंगे.

सोमवार सुबह दिग्विजय सिंह के कार्यालय से जानकारी दी गई कि उन्होंने दिल्ली में कुछ आवश्यक काम की वजह से सोमवार को इंदौर जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया. इस बीच नगर निगम के अधिकारियों ने लगातार दूसरे दिन भी कंप्यूटर बाबा की अवैध संपत्तियों को गिराना जारी रखा.

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अतिक्रमण पर नगर निगम की कार्रवाई 

इंदौर नगर निगम के अधिकारियों ने रविवार को कंप्यूटर बाबा के आश्रम को ध्वस्त कर दिया. ये आश्रम शहर के बाहरी इलाके में कथित तौर पर चरागाह भूमि का अतिक्रमण करके बनाया गया था. कंप्यूटर बाबा और छह अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. आश्रम से एक राइफल, एक एयरगन और एक कृपाण भी बरामद की गई. पुलिस को ऑपरेशन के दौरान बेनामी संपत्ति के कागजात भी मिले हैं. इसके अलावा उनके कुछ बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज की जांच भी की जा रही है. 

दिग्विजय ने दिया कंप्यूटर बाबा का नाम 

नामदेव दास त्यागी को तेज दिमाग की वजह से दिग्विजय सिंह ने कंप्यूटर बाबा का नाम दिया. कंप्यूटर से नामदेव दास त्यागी का इतना ही नाता है. बाकी उनके लिए कंप्यूटर भी स्टाफ चलाता है. कंप्यूटर बाबा का असल नाम नामदेव दास त्यागी है. कंप्यूटर बाबा का नाम 2018 में पहली बार सुर्खियों में आया. उन्हें 2018 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले शिवराज सरकार ने राज्य मंत्री का दर्जा दिया था.

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ये घटनाक्रम कंप्यूटर बाबा की उस धमकी के बाद हुआ था जब उन्होंने नर्मदा नदी के किनारे किए गए पौधारोपण अभियान में बड़े घोटाले को उजागर करने की धमकी दी थी. ऐसा शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा परिक्रमा यात्रा के दौरान हुआ था जिसमे उन्होंने 6 करोड़ पौधे लगाने का दावा किया था. इस पर कंप्यूटर बाबा ने समांतर यात्रा निकालने और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने की बात कही थी. 

कमलनाथ ने नदी संरक्षण प्राधिकरण का प्रमुख बनाया था 

हालांकि बाद में कंप्यूटर बाबा ने खेमा बदल लिया और कांग्रेस के साथ हो गए. कंप्यूटर बाबा ने 2018 विधानसभा चुनाव में महाघोटाला यात्रा निकाल कर शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्रचार भी किया. दिसंबर 2018 में कमलनाथ सरकार बनी तो कंप्यूटर बाबा का राज्य मंत्री का दर्जा फिर बहाल कर दिया गया. कमलनाथ ने कंप्यूटर बाबा को नदी संरक्षण प्राधिकरण का प्रमुख भी बनाया. कंप्यूटर बाबा ने रेत खनन माफिया के खिलाफ अभियान भी चलाया. इस वजह से तत्कालीन खनन मंत्री से उनका टकराव भी हुआ. 

2019 लोकसभा चुनाव में कंप्यूटर बाबा ने भोपाल सीट से दिग्विजय सिंह के लिए चुनाव प्रचार के दौरान रोड शो भी किया. साथ ही सैकड़ों साधुओं को भी प्रचार के साथ जोड़ा. उन्होंने दिग्विजय के खिलाफ बीजेपी से चुनाव लड़ने वाली प्रज्ञा ठाकुर को असली साध्वी नहीं बताया. लेकिन चुनाव में दिग्विजय सिंह को हार झेलनी पड़ी  3 नवंबर को मध्य प्रदेश की 28 सीटों के उपचुनाव में भी अपनी ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैलियों के तहत कांग्रेस के लिए सक्रिय तौर पर प्रचार किया. 

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