झारखंड: पलामू में लॉकडाउन के दौरान बिके 4600 से अधिक वाहन, एक्शन के मूड में प्रशासन

चार हजार से अधिक वाहनों की बिक्री होने के बाद वाहन मालिक तो कमाई से गदगद हो गए हैं, लेकिन जिला परिवहन विभाग की इस मामले में नींद टूट चुकी है.

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पलामू जिला परिवहन विभाग पलामू जिला परिवहन विभाग

करुणा करण / सत्यजीत कुमार

  • पलामू,
  • 09 जून 2021,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST
  • शोरूम पर कार्रवाई के मूड में प्रशासन
  • सभी लोगों से मांगी गई ब्रिकी की डिटेल

झारखंड के पलामू में लॉकडाउन कितना प्रभावी रहा इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि दुकानें बंद थीं, लेकिन 4600 से अधिक गाड़ियां बिक गईं. 22 अप्रैल 2021 को लॉकडाउन लगा. इस दौरान कड़ी पाबंदियां थीं. कई सेक्टरों को व्यापार की छूट नहीं थी, लेकिन पलामू में ऑटोमोबाइल सेक्टर ने खुलकर धंधा किया. 

इस लॉकडाउन में जिले के विभिन्न शोरूम के माध्यम से करीब 4600 गाड़ियां बिक गईं. शोरूम मालिकों ने अपने शोरूम बंद कर गोदाम के माध्यम से वाहनों की बिक्री की. चार हजार से अधिक वाहनों की बिक्री होने के बाद वाहन मालिक तो कमाई से गदगद हो गए हैं, लेकिन जिला परिवहन विभाग की इस मामले में नींद टूट चुकी है.

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मामले में जिला परिवहन पदाधिकारी ने जिले के सभी शोरूम संचालकों से बिक्री का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है. पत्र की अवधि दिनांक 7 जून 2021 को संध्या 5 बजे समाप्त हो गई, लेकिन किसी भी शोरूम संचालक ने अब तक विक्रय की सूची नहीं सौंपी है. परिवहन कार्यालय के आदेश पत्र से शोरूम संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है.

ऐसे में बड़ा सवाल है कि लॉकडाउन में कटे सेल लेटर इंश्योरेंस के बाद क्या परिवहन विभाग ऑनर बुक रिलीज करेगा. सूत्र बताते हैं कि शोरूम संचालक जिला परिवहन पदाधिकारी को मनाने में लगे हैं. इधर, सोशल एक्टिविस्ट इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं. उनका कहना है कि कपड़े, जूते सहित अन्य प्रतिबंधित दुकान फाइन भरें और शोरूम संचालकों ने 5000 वाहन सड़क पर उतार दिए और प्रशासन को भनक भी नहीं लगी. उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की जाएगी.

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मंगलवार को आज तक कि टीम इस पूरी वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिए जिला परिवहन कार्यालय का दौरा किया, लेकिन कार्यालय में जिला परिवहन पदाधिकारी उपस्थित नहीं थे. ना ही डीलिंग क्लर्क सुमन कुमार सिंह.

 

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