हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है. 10 और 11 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है. वहीं, 1 जून से 6 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से 6 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है.
हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार के मुताबिक, 10 और 11 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, बिलासपुर और चंबा के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई. कांगड़ा और मंडी में सबसे ज्यादा करीब 8 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई. वहीं, सोलन में करीब 6 सेंटीमीटर और शिमला में लगभग 5 सेंटीमीटर बारिश हुई.
9 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. अगले 24 घंटों में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. हालांकि 8 और 9 अगस्त को बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आएगी, लेकिन 10 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय होगा और भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है. देखें VIDEO:-
मौसम विज्ञान केंद्र ने 10 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं, 11 अगस्त को चंबा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 12 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है.
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में भारी बारिश के चलते नदियों, खड्डों और दूसरे जल स्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, मडस्लाइड और पहाड़ियों से मलबा गिरने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है. भारी बारिश से सड़कें बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है. बागवानी और कृषि क्षेत्र को भी नुकसान पहुंच सकता है.
मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.
वहीं, मानसून की अब तक की स्थिति की बात करें तो 1 जून से 6 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 6 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. इस अवधि में सामान्य बारिश 425 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 400 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है.
जिलावार आंकड़ों के मुताबिक किन्नौर, कुल्लू और शिमला में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. वहीं हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है. मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर समय-समय पर चेतावनी जारी की जाएगी.
विकास शर्मा