अब दुकानें-मॉल, रेस्टोरेंट 24 घंटे खुले रहेंगे... गुजरात विधानसभा में पारित हुआ बिल

गुजरात में दुकानें, मॉल, रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब 24 घंटे खुले रखे जा सकेंगे. गुजरात विधानसभा में उद्योग राज्य मंत्री डॉ. जयराम गामित ने बताया कि राज्य में उद्योग-व्यवसाय से जुड़ी नियामक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, तेज, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए 'गुजरात ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस बिल, 2026' पारित किया गया है.

Advertisement
नगर पालिका और राज्य राजमार्ग वाले इलाकों में रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक, और अन्य इलाकों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक दुकानें बंद रखने का नियम था. (Photo: ITGD) नगर पालिका और राज्य राजमार्ग वाले इलाकों में रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक, और अन्य इलाकों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक दुकानें बंद रखने का नियम था. (Photo: ITGD)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद,
  • 11 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:32 PM IST

गुजरात में दुकानें, मॉल, रेस्टोरेंट, होटल, कैफे, गैरेज और शोरूम जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब 24 घंटे खुले रखे जा सकेंगे. राज्य सरकार ने 'गुमास्ता धारा' (दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम) से संबंधित कानून में इसके लिए महत्वपूर्ण संशोधन किया है. विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन पेश किए गए इस संशोधन के बाद, केवल समय-सीमा के आधार पर पुलिस या स्थानीय अधिकारी ऐसे प्रतिष्ठानों को बंद नहीं करवा सकेंगे.

Advertisement

हालांकि, स्वच्छता, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. मौजूदा व्यवस्था के तहत, महानगर पालिका क्षेत्र, अस्पताल, नेशनल हाईवे, रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप और बस स्टेशन जैसे कुछ इलाकों को छोड़कर, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के समय पर पाबंदियां थीं.

नगर पालिका और राज्य राजमार्ग वाले इलाकों में रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक, और अन्य इलाकों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक दुकानें बंद रखने का नियम था. नए संशोधन के बाद यह समय-सीमा खत्म हो जाएगी. दुकानें 24 घंटे खुली रखी जा सकेंगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों से लगातार काम लिया जा सकेगा. कर्मचारियों के काम के घंटे, छुट्टी और सुरक्षा सहित उनके कानूनी अधिकारों से जुड़े प्रावधान पहले की तरह ही लागू रहेंगे.

Advertisement

गुजरात विधानसभा में उद्योग राज्य मंत्री डॉ. जयराम गामित ने कहा कि राज्य में उद्योग-व्यवसाय से जुड़ी नियामक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, तेज़, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए 'गुजरात ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस बिल, 2026' पारित किया गया है. 

उन्होंने कहा कि इस बिल का मुख्य उद्देश्य उद्योगों और नागरिकों पर अनावश्यक नियामक बोझ कम करना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना, स्व-घोषणा और स्व-प्रमाणीकरण को बढ़ावा देना तथा जोखिम-आधारित और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करना है. कम जोखिम वाली गतिविधियों में अनिवार्य पूर्व-मंजूरी और भौतिक संपर्क की आवश्यकता को कम करके विश्वास-आधारित शासन की ओर बढ़ने की दिशा इस बिल में दिखाई गई है.

इस बिल का मुख्य उद्देश्य नियंत्रण-आधारित शासन से 'विश्वास और जोखिम-आधारित शासन' (Trust-Based & Risk-Based Governance) की ओर बढ़ना है. इस विधेयक के माध्यम से राज्य के पांच अलग-अलग कानूनों की 12 संशोधनात्मक धाराओं को एक ही दायरे में लाकर कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और सदन का समय बचाया गया है. 'विकसित गुजरात से विकसित भारत @2047' के संकल्प, गुजरात औद्योगिक नीति-2026 और आगामी 11वीं वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 की पृष्ठभूमि में ये सुधार निवेशकों का भरोसा बढ़ाएंगे.

बिल के तहत प्रस्तावित मुख्य कानूनी सुधार

गुजरात अग्नि रोकथाम और जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2013

Advertisement

अग्नि सुरक्षा मानकों को जोखिम और कार्य-निष्पादन पर आधारित (Risk-based and Performance-oriented) बनाया गया है. स्थानीय परिस्थितियों और इमारत के प्रकार के अनुसार नियमों को अनुकूल बनाकर अनुपालन लागत (compliance cost) को कम किया जाएगा.

गुजरात दुकानें और प्रतिष्ठान अधिनियम, 2019

स्व-घोषणा (Self-declaration) और स्व-प्रमाणीकरण के माध्यम से पंजीकरण आसान हो जाएगा. 24x7 संचालन की सुविधा के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा को भी बरकरार रखा जाएगा.

दुकानों और प्रतिष्ठानों को सप्ताह के किसी भी दिन 24x7 काम करने की सुविधा मिलेगी, जो काम के घंटों, आराम के अंतराल और रोजगार की शर्तों से संबंधित लागू कानूनों के अधीन होगी.

गुजरात एमएसएमई (MSME) सुविधा अधिनियम, 2019

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 'राइट टू बिजनेस' (व्यवसाय का अधिकार) ढांचे को और मजबूत किया जाएगा. सहकारी, बिजली, GIDC और सिंचाई जैसे 8 अतिरिक्त राज्य कानूनों को सुविधा-प्रदान करने वाले ढांचे (फैसिलिटेशन फ्रेमवर्क) के अनुरूप बनाया गया है.

गुजरात मेडिकल काउंसिल एक्ट, 1967

अन्य राज्यों में पंजीकृत डॉक्टरों के लिए स्व-घोषणा (सेल्फ-डिक्लेरेशन) के आधार पर गुजरात में पंजीकरण कराना आसान हो जाएगा, जिससे चिकित्सा सेवाओं और पेशेवर गतिशीलता (प्रोफेशनल मोबिलिटी) में तेजी आएगी.

गुजरात राइट ऑफ सिटिजन्स टू पब्लिक सर्विसेज एक्ट, 2013

यदि समय-सीमा के भीतर सरकारी सेवा या शिकायत का निपटारा नहीं होता है, तो मामला अपने आप उच्च अधिकारी के पास चला जाए, इसके लिए तकनीक-आधारित 'ऑटो-अपील' और 'ऑटो-एस्केलेशन' तंत्र लागू किया जाएगा.

Advertisement

उन्होंने कहा कि 'विकसित गुजरात से विकसित भारत @2047' के संकल्प के साथ घोषित गुजरात औद्योगिक नीति-2026, हाल ही में चारों क्षेत्रों (रीजन) में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल समिट्स और आगामी जनवरी में होने वाली 11वीं वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 ('विकसित गुजरात – शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर') के लिए ये कानूनी सुधार एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे.

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा, श्रमिकों के अधिकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य से कोई समझौता किए बिना, अनावश्यक प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर करके गुजरात को पूरे देश और दुनिया के लिए सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में यह विधेयक एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.

प्रधानमंत्री के 'Reform, Perform and Transform' (सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन) के मंत्र के साथ, राज्य सरकार गुजरात को अधिक सरल, तेज और उद्योग-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है. यह बिल राज्य में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए अधिक अनुकूल माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

गुजरात निवेश, औद्योगिक विकास, उद्यमिता और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार करने में आसानी) के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में आगे बढ़ रहा है. ऐसे में यह बिल राज्य के विकास को और गति देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. मंत्री गामित ने सदन में कहा कि इस विधेयक के पारित होने से गुजरात में 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' और 'ईज़ ऑफ़ लिविंग' (जीवन यापन में आसानी) के उच्च स्तर हासिल किए जा सकेंगे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »