विदेश भेजने के नाम पर 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी, फर्जी ई-वीजा रैकेट चलाने वाला दंपति गिरफ्तार

गुजरात के आणंद में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर दिए गए नौकरी के ऑफर के बाद शुरू हुई इस ठगी में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है. पुलिस ने मामले में दंपति को गिरफ्तार किया है. आखिर कैसे सामने आया पूरा फर्जीवाड़ा और कितने लोग इसकी चपेट में आए, यहां जानिए.

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डिप्टी एसपी ने बताया कैसे लोगों को फंसाते थे ठग. (Photo: ITG) डिप्टी एसपी ने बताया कैसे लोगों को फंसाते थे ठग. (Photo: ITG)

ब्रिजेश दोशी

  • आणंद ,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:29 PM IST

गुजरात के आणंद में विदेश भेजने के नाम पर 29 लोगों से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि लोगों को यूरोप के देशों और दुबई में नौकरी, वर्क परमिट, ई-वीजा, रहने-खाने की सुविधा के साथ अच्छी सैलरी का लालच दिया गया. आणंद टाउन पुलिस ने इस मामले में दंपति को गिरफ्तार किया है. एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.

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पुलिस के मुताबिक, पूरा खेल सोशल मीडिया पर चलने वाले विदेशी नौकरी के विज्ञापनों से शुरू हुआ था. आणंद की 'कृष्णा ओवरसीज कंसल्टेंसी' के जरिए लोगों को विदेश भेजने का पक्का भरोसा दिलाया जाता था. शुरुआत में 19 लोगों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ा, पीड़ितों की संख्या बढ़कर 29 तक पहुंच गई और इसके साथ ही ठगी की रकम भी 78 लाख रुपये से छलांग लगाकर 1 करोड़ 6 लाख रुपये से ज्यादा हो गई.

जब पीड़ितों ने अपने वर्क परमिट और ई-वीजा की बारीकी से जांच कराई, तो धोखाधड़ी की परतें खुलने लगीं. पता चला कि जिस कंपनी के नाम पर उन्हें दस्तावेज सौंपे गए थे, असलियत में उस नाम की कोई कंपनी वजूद में ही नहीं थी. विदेश जाने का दिन नजदीक आते ही जब कोई हलचल नहीं हुई और लोगों ने संपर्क साधना चाहा, तो आरोपी अपना दफ्तर ताला बंद करके फरार हो चुके थे, जिसके बाद पूरा मामला पुलिस के सामने आया.

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सोशल मीडिया पर दिखाया विदेश में नौकरी का सपना

पुलिस के मुताबिक, कृष्णा ओवरसीज कंसल्टेंसी की तरफ से सोशल मीडिया पर नौकरी से जुड़े विज्ञापन दिए जाते थे. इनमें सर्बिया, लातविया, चेक रिपब्लिक, आर्मेनिया जैसे यूरोपीय देशों के साथ दुबई में काम दिलाने का दावा किया जाता था. विज्ञापनों में वर्क परमिट, ई-वीजा, अच्छी सैलरी के साथ रहने-खाने की सुविधा देने की बात कही जाती थी. विदेश में बेहतर भविष्य की उम्मीद में कई लोगों ने इनसे संपर्क किया.

पेटलाद की रहने वाली कुंदनबेन समेत कई लोगों ने वीजा प्रोसेसिंग के नाम पर लाखों रुपये दिए. पुलिस का कहना है कि भरोसा कायम करने के लिए लोगों को ई-वीजा से जुड़े दस्तावेज भी दिए गए. बाद में इनकी जांच की गई तो फर्जीवाड़े का पता चला.

विदेश जाने की बारी आई तो खुला मामला

पीड़ितों को उम्मीद थी कि कागजात मिलने के बाद वे विदेश जा सकेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जब विदेश जाने की बारी आई तो न नौकरी मिली, न यात्रा की व्यवस्था हुई. पैसे वापस नहीं मिलने पर लोगों ने पुलिस से शिकायत की. पुलिस को दो दिन पहले 19 लोगों ने शिकायत दी थी. इसमें करीब 79 लाख रुपये की ठगी की बात कही गई थी. जांच के दौरान दूसरे पीड़ित भी सामने आए. इसके बाद कुल रकम 1 करोड़ 6 लाख 26 हजार 960 रुपये तक पहुंच गई.

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मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने कृष्णा ओवरसीज कंसल्टेंसी के ऑफिस समेत आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की. वहां से अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं. पुलिस अब बैंक खातों की भी जांच कर रही है. इसका मकसद यह पता लगाना है कि लोगों से ली गई रकम किन खातों में पहुंची और उसका इस्तेमाल कहां किया गया.

दंपति गिरफ्तार, एक आरोपी फरार

पुलिस ने इस मामले में अंकिता शाह और उसके पति हार्दिक शाह को गिरफ्तार किया है. दोनों मूल रूप से भावनगर जिले के सोनगढ़ के रहने वाले बताए गए हैं. फिलहाल वे आणंद में रह रहे थे. इसके अलावा, मामले में नंदकुमार उकाणी नाम का एक अन्य आरोपी फरार है. वह आणंद का रहने वाला बताया गया है. उसकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं.

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं. साथ ही कितने लोगों को इसी तरीके से विदेश भेजने का झांसा दिया गया, इसकी भी जांच की जा रही है.


 

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