गुजरात के वलसाड जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया. उमरगाम तालुका के भिलाड रेलवे स्टेशन पर विरार से भरूच जा रही मेमू ट्रेन नंबर 19101 प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर रुकने से पहले ही उसके इंजन यानी फ्रंट डीएमसी के चार पहिए पटरी से उतर गए. यह घटना 28 जुलाई की सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर हुई.
हादसे के बाद स्टेशन और ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि इसमें किसी भी यात्री या रेलवे कर्मचारी को कोई चोट नहीं आई. रेलवे ने वलसाड से राहत और मरम्मत टीम मौके पर भेज दी है और पटरी को दोबारा ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है.
पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिवीजन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह हादसा सोमवार 28 जुलाई की सुबह भिलाड स्टेशन पर हुआ. ट्रेन नंबर 19101, जो विरार से भरूच के बीच चलती है, सुबह 6:27 बजे भिलाड प्लेटफॉर्म नंबर 1 में प्रवेश कर रही थी. इसी दौरान ट्रेन के आगे के डीएमसी कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए. डीएमसी वह कोच होता है जिसमें ट्रेन ड्राइवर बैठता है और यह इंजन जैसा काम करता है.
ट्रेन में उस समय बड़ी संख्या में रोजाना सफर करने वाले मजदूर, नौकरीपेशा लोग और स्कूल-कॉलेज के छात्र सवार थे. अचानक इंजन के पटरी से उतरने से यात्रियों में डर और हड़बड़ाहट फैल गई. घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और तकनीकी टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं. वलसाड से आर्ट यानी एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन और आर्मे यानी एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल इक्विपमेंट की टीम को भी भेजा गया.
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रेलवे ने साफ किया है कि इस हादसे में कोई भी यात्री या स्टाफ मेंबर घायल नहीं हुआ है, जो सबसे बड़ी राहत की बात है. फिलहाल पटरी से उतरे कोच को दोबारा पटरी पर लाने यानी रीरेलमेंट का काम युद्धस्तर पर जारी है. इस घटना की वजह से मुंबई-अहमदाबाद रेलवे रूट पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है और कुछ ट्रेनें देरी से चल सकती हैं.
रेलवे विभाग ने डिरेलमेंट के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच भी शुरू कर दी है. ट्रैक और इंजन की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी.
ब्रिजेश दोशी