जंतर-मंतर पर इस वजह से चेहरे पहचानने वाले कैमरे लगे, पुलिस डेटाबेस से लाइव स्कैन; पुलिस टीम ने किया खुलासा

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चेहरे पहचानने वाली फेशियल रिकग्निशन सिस्टम वाली चार मशीने लगाईं गई हैं. इसका मकसद आम प्रदर्शनकारियों पर नजर रखना नहीं, बल्कि ऐसे लोगों की पहचान करना है जो किसी पुराने मामले में वांछित हैं या जिनका पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड है.

Advertisement
जंतर-मंतर पर चेहरे पहचानने वाले कैमरे पुलिस ने लगाए हैं. (फोटो सोर्स-PTI) जंतर-मंतर पर चेहरे पहचानने वाले कैमरे पुलिस ने लगाए हैं. (फोटो सोर्स-PTI)

अरविंद ओझा

  • दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर छात्र आंदोलन जारी है. प्रोटेस्ट में शामिल होने कई प्रदर्शनकारी अपना चेहरा छुपाकर प्रदर्शन स्थल पर आ रहे है. सोशल मीडिया पर ऐसा कहा जा रहा है कि वे दिल्ली पुलिस के डर से ऐसा कर रहे है. दरअसल, ऐसे माना जा रहा है कि धरनास्थल के पास निगरानी के लिए काफी हाईटेक व्यवस्था की गई है.

Advertisement

प्रदर्शन स्थल के पास केरल हाउस के बाहर दिल्ली पुलिस ने दो अत्याधुनिक निगरानी वैन तैनात की है. ये वैन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टेवेयर की मदद से प्रोटेस्टर्स पर नजर रख रही है.
 
वहीं अब इन हाईटेक वैन के इस्तेमाल पर दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखा है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चेहरे पहचानने वाली फेशियल रिकग्निशन सिस्टम वाली चार मशीने लगाईं गई हैं.
पुलिस का कहना है कि इसका मकसद आम प्रदर्शनकारियों पर नजर रखना नहीं, बल्कि ऐसे लोगों की पहचान करना है जो किसी पुराने मामले में वांछित हैं या जिनका पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड है.
 
आने-जाने वाले मुख्य रास्तों पर लगाई गईं है मशीनें
दिल्ली पुलिस ने बताया कि ये चारों मशीनें प्रदर्शन स्थल के आने-जाने वाले मुख्य रास्तों पर लगाई गई हैं. इनका सीधा संपर्क दिल्ली पुलिस से है. पुलिस टीम ने बताया कि जैसे कोई व्यक्ति कैमरे के सामने आता है उसकी तस्वीर पुलिस के डेटाबेस में मौजूद तस्वीरों से मिलाई जाती है. अगर किसी वांछित अपराधी, फरार आरोपी या फिर आदतन अपराधी की पहचान होती है तो संबंधित पुलिस अधिकारियों को तुरंत जानकारी मिल जाती है.

पुलिस टीम का कहना है कि कुछ आसामाजिक तत्व कई बार भीड़ का फायदा उठाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. ऐसे लोगों पर नजर रखने और समय रहते उन्हें पकड़ने के लिए इस टेकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. अधिकारियों का दावा है कि इससे धरनास्थल पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और पुलिस को आसानी होगी.
 

Advertisement

पुलिस बोली-प्रोटेस्ट कर रहे लोगों को परेशान करने का इरादा नहीं
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए ये कैमरे काफी आधुनिक है. ये दूर से भी किसी भी व्यक्ति का चेहरा साफ पहचान सकते हैं. इस व्यवस्था का मकसद केवल उन लोगों की पहचान करना हैं जिनके खिलाफ पहले से पुलिस रिकॉर्ड में जानकारी दर्ज है. आम लोगों और शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों को इससे परेशान करने का कोई इरादा नहीं है.

पुलिस ने कहा कि जंतर-मंतर देश की राजधानी में प्रदर्शन करने के लिए प्रमुख स्थान माना जा है. यहां समय-समय पर विभिन्न संगठन, कर्मचारी, छात्र और सामाजिक समूह अपनी मांगों को लेकर धरना और प्रदर्शन करते हैं. बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूर रखना हमारी यानी पुलिस की जिम्मेदारी है. इसी मकसद से चेहरे पहचानने वाली प्रणाली को सुरक्षा इंतजामों का हिस्सा बनाया गया है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »