दिल्ली शराब घोटाला: ED ने हैदराबाद की अरबिंदो फार्मा के टॉप अधिकारी को गिरफ्तार किया, जानें कौन है शरद रेड्डी?

दिल्ली के शराब घोटाले का विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा है. प्रवर्तन निदेशालय ने अब इस मामले में एक बड़ी फार्मा कंपनी के टॉप एग्जिक्यूटिव को गिरफ्तार कर लिया है. जांच एजेंसी का दावा है कि इस आरोपी के बारे में उनके पास काफी सबूत हैं.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 10 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:44 PM IST

दिल्ली के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और गिरफ्तारी की है. ED की टीम ने हैदराबाद में स्थित अरबिंदो फार्मा लिमिटेड के टॉप एग्जीक्यूटिव और पूर्व डायरेक्टर शरद चंद्र रेड्डी को अरेस्ट कर लिया है. जांच एजेंसी ने शरद रेड्डी के अलावा अंतरराष्ट्रीय शराब ब्रांड के एक अधिकारी बिनॉय बाबू को भी गिरफ्तार किया है.

आजतक को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शरद रेड्डी के खिलाफ सबूत मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. शरद कथित तौर पर दिल्ली में आम आदमी पार्टी के कुछ राजनेताओं से जुड़े हैं. बता दें कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया इस मामले में नंबर एक आरोपी हैं.

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फर्म की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक शरद रेड्डी ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से ग्रेजुएशन किया है. वह अपने परिवार में दूसरी पीढ़ी के उद्यमी हैं और प्रमोटर समूह से संबंध रखते हैं. वहीं, अरबिंदो फार्मा की बात करें तो कंपनी की स्थापना 1986 में पीवी रामप्रसाद रेड्डी, के नित्यानंद रेड्डी और कई पेशेवरों के एक छोटे समूह ने की थी. कंपनी ने 1988-89 में पुडुचेरी में सेमी-सिंथेटिक पेनिसलिन (एसएसपी) के निर्माण की सिंगल यूनिट के साथ परिचालन शुरू किया था.

अरबिंदो फार्मा 1992 में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बन गई थी. कंपनी ने 1995 में भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में अपने शेयरों को सूचीबद्ध किया था. सेमी-सिंथेटिक पेनिसिलिन के व्यवसाय के अलावा कंपनी की न्यूरोसाइंसेस, कार्डियोवस्कुलर, एंटी-रेट्रोवायरल, एंटी-रेट्रोवायरल जैसे मेडिकल क्षेत्रों में भी मौजूदगी है. शरद रेड्डी अरबिंदो फार्मा लिमिटेड से जुड़े होने के अलावा एक दर्जन से अधिक फर्मों से भी जुड़े हुए हैं.

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वित्तीय जांच एजेंसी ने एक बहुराष्ट्रीय शराब ब्रांड के महाप्रबंधक बिनॉय बाबू को भी गिरफ्तार किया है. सूत्रों का कहना है कि बाबू कथित तौर पर दिल्ली आबकारी नीति के अन्य आरोपियों से जुड़ा हुआ था. वह कथित तौर पर जांच के दौरान सहयोग नहीं कर रहा था, जिसके बाद अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस मामले में आम आदमी पार्टी के संचार प्रभारी विजय नायर और हैदराबाद स्थित व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली को गिरफ्तार किया था.

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