नीट परीक्षा लीक मामले के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मांग के विरोध में CJP का प्रदर्शन तेज हो गया है. अब सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी CJP के समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं. रविवार से वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लेकर अनशन पर बैठने से पहले, वांगचुक ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद जंतर-मंतर पर दो मिनट का मौन रखकर इस अनशन की शुरुआत की गई.
जंतर-मंतर पर सैकड़ों युवाओं, छात्रों और किसान नेताओं की मौजूदगी में वांगचुक ने अपना अनशन शुरू किया. आंदोलन में शामिल होने की वजह बताते हुए वांगचुक ने कहा कि शिक्षा पिछले 40 सालों से उनके दिल के करीब रही है. ऐसे में जब युवा एजुकेशन सिस्टम को लेकर आवाज उठा रहे हैं, तो वो चुप नहीं रह सकते.
'यहां बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा'
सोनम वांगचुक ने कहा, 'मुझे यहां बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है, मैं ये खुशी से नहीं कर रहा हूं. मैं दोनों मुद्दों (लद्दाख और शिक्षा) के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठा हूं. कई लोग मुझसे पूछते हैं, आप लद्दाख में आंदोलन कर रहे थे, अब CJP के साथ क्यों हैं. शिक्षा का मुद्दा, जो यहां उठाया जा रहा है, वो मेरे छात्र जीवन से ही पिछले 40 सालों से मेरे दिल के करीब रहा है.'
वांगचुक ने लोगों से इसे एक सामूहिक भूख हड़ताल बनाने और कम से कम एक दिन का उपवास रखने की अपील की.
कुछ महीने पहले ही जेल से रिहा हुए थे वांगचुक
बता दें कि वांगचुक को मार्च 2026 में ही जोधपुर जेल से रिहा किया गया था. वो लद्दाख आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत लगभग छह महीने से जेल में बंद थे.
दूसरी तरफ CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए नजरबंद किया गया है.
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