नोटबंदी के 13वें दिन भी कैश की समस्या से जूझे लोग

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर एस एल पुरूषोत्तम ने कहा कि लगातार बैंक कर्मचारी दबाव में काम कर रहे है जिसमें सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर रात के 10 बजे तक काम करना पड़ रहा है

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बैंको के बाहर लगी है भीड़ बैंको के बाहर लगी है भीड़

रोहित मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 21 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 7:14 PM IST

मोदी सरकार के पुराने नोटों को बैन करने के लिए 13वें लोग कैश की समस्या से जूझते दिखे. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बैंक के पास सुबह 6 बजे से लोगों की पहुंचना शुरू हो गया. लेकिन दिन के 2 बजे तक कैश की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा बैंक में कैश नहीं होने की वजह से लोगो कों काफी परेशानी हुई. रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को बैंक खुला जिसका असर बैंको में लंबी लंबी कतारों में देखने को मिला.

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कुछ बैंक कैश की समस्या से जूझते दिखे. तो किसी में नियमों को ताक पर रखा गया जिसमें सरकार की तरफ से महिलाओं की लाइन अलग करने को कहा गया था लेकिन त्रिलोकपुरी के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में महिला और पुरूषों की लाइन एक ही रखी गई जिसकी वजह से लोगों में जबरदस्त गुस्सा देखा.

के ब्रांच मैनेजर एस एल पुरूषोत्तम ने कहा कि लगातार बैंक कर्मचारी दबाव में काम कर रहे है जिसमें सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर रात के 10 बजे तक काम करना पड़ रहा है तो वही लोग इस बात से ज्यादा नाराज दिखे कि एक दिन का बाद बैंक खुलने के बाद भी कैश की समस्या से जूझना पड़ रहा है तो स्टेट बैंक में लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर थी यहां एक ही लाईन में सबको रख दिया है जिससे परेशानी ज्यादा है.

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