जमीन पर गिराया, सीने-पेट पर बरसाईं लातें... दिल्ली में मारे गए मणिपुरी संगीतकार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट

दिल्ली के किलोकरी में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत गंभीर शारीरिक हमले से हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सीने और पेट पर लगी चोटों के कारण भारी अंदरूनी रक्तस्राव हुआ. पुलिस के अनुसार शोर को लेकर आपत्ति जताने पर सिंह पर हमला किया गया था. आरोपियों ने जमीन पर गिरने के बाद उनके सीने और पेट पर लातों से हमला किया.

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AIIMS ने भी गंभीर हमले और भारी रक्तस्राव को बताया मौत की वजह. (Photo: ITG) AIIMS ने भी गंभीर हमले और भारी रक्तस्राव को बताया मौत की वजह. (Photo: ITG)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली ,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:27 PM IST

दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ गई है. गुरुवार को जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक 54 वर्षीय सिंह के सीने और पेट पर गंभीर चोटें आई थीं. इन चोटों की वजह से शरीर के अंदर भारी रक्तस्राव हुआ और उनकी मौत हो गई. मामला रविवार रात का है, जब सिंह अपने घर के बाहर शोर कर रहे कुछ लोगों से आपत्ति जताने पहुंचे थे. आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद हुआ और इसके बाद उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सिंह के जमीन पर गिरने के बाद भी आरोपियों ने उनके सीने और पेट पर पैरों से हमला किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने अब इस हमले के दौरान लगी चोटों की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है. 

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AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि सिंह की मौत पेट और सीने पर किए गए गंभीर शारीरिक हमले के कारण हुई. उनके मुताबिक, इस हमले से शरीर के अंदर भारी रक्तस्राव हुआ, जो उनकी मौत की वजह बना. डॉ. गुप्ता ने कहा कि व्यक्ति की मौत पेट और सीने पर गंभीर शारीरिक हमले के परिणामस्वरूप हुई, जिससे भारी रक्तस्राव हुआ और अंततः मौत हो गई. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम के निष्कर्षों से हमले के दौरान सिंह को लगी चोटों की प्रकृति सामने आई है. पुलिस अब इसी आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है.

राहुल गांधी चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए

चोंगथम विक्रम सिंह की याद में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि एक युवा शख्स की  हत्या होना त्रासदी है. उन्होंने कहा कि यह भी त्रासदी है कि उन पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि वह किस जगह से थे. राहुल गांधी ने कहा, 'यह मणिपुर के लोगों के लिए एक त्रासदी है. बेशक, यह अकेली त्रासदी नहीं है, जिसका सामना मणिपुर के लोग कर रहे हैं.'

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इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार दिखाई देता है. राहुल गांधी ने कहा कि आजकल यह एक तरह का चलन बन गया है कि अगर कोई शक्तिशाली है, तो वह हिंसक हो सकता है. राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी घटना का जवाब गुस्से या नफरत से नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने पर व्यक्ति वही कर रहा होगा, जो विक्रम के साथ किया गया. उन्होंने कहा कि इसका जवाब अपनी बात रखने, अपने विचारों की रक्षा करने, अपनी प्रतिभा दिखाने और यह कहने से दिया जाना चाहिए कि लोग इस तरह की बकवास को स्वीकार नहीं करेंगे.

सीने और पेट पर गंभीर चोटें बनीं मौत की वजह

चोंगथम विक्रम सिंह पिछले 17 साल से दिल्ली में रह रहे थे. वह निजी संगीत शिक्षक के तौर पर काम करते थे और किलोकरी गांव में रहते थे. रविवार रात करीब 11:30 बजे वह कचरा फेंकने के लिए अपने घर से नीचे आए थे. इसी दौरान उन्होंने अपने किराए के फ्लैट के बाहर करीब आठ लोगों को शोर और हंगामा करते देखा. ये लोग आसपास के दो ढाबों से जुड़े कर्मचारी बताए गए हैं.

सिंह ने उनके शोर और व्यवहार पर आपत्ति जताई. आरोप है कि इसी बात को लेकर वहां विवाद शुरू हो गया. मामला बढ़ने के बाद सिंह अपने घर की तरफ भागे. आरोप है कि विवाद के बाद समूह ने सिंह का पीछा किया. आरोपी उनका पीछा करते हुए उनके घर तक पहुंचे और तीसरी मंजिल पर पहुंच गए. इसके बाद आरोप है कि गलियारे में सिंह को घेर लिया गया और उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सिंह के जमीन पर गिरने के बाद भी उन पर हमला किया गया और उनके सीने तथा पेट पर पैरों से वार किए गए.

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यही चोटें बाद में उनकी मौत की वजह बनीं. गंभीर रूप से घायल सिंह को इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन सोमवार सुबह करीब सात बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. चोंगथम विक्रम सिंह 54 वर्ष के थे. वह पिछले 17 साल से दिल्ली में रह रहे थे और निजी संगीत शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे. किलोकरी गांव में वह किराए के फ्लैट में रहते थे.

रविवार रात घर से कचरा फेंकने के लिए नीचे जाना उनके लिए आखिरी बार घर से बाहर निकलना साबित हुआ. शोर को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही समय में हिंसा में बदल गया और आरोप है कि उनके घर तक पीछा कर उन्हें पीटा गया. सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.

पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें भारत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, विजय, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा और मन्नू शामिल हैं. एक 15 वर्षीय लड़के को भी पकड़ा गया है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में चार लोग डिलीवरी वर्कर हैं, जबकि दो लोग आसपास के ढाबों में पैकेजिंग का काम करते थे. मन्नू एक पिज्जा कियोस्क पर काम करता था. पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है.

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सात आरोपी गिरफ्तार, 15 साल का लड़का भी पकड़ा गया

जांच में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम हो गई है. रिपोर्ट में सीने और पेट पर गंभीर शारीरिक चोटों की बात सामने आई है. इन चोटों के कारण शरीर के अंदर भारी रक्तस्राव हुआ. पुलिस के अनुसार, हमला उस समय भी जारी रहा जब सिंह जमीन पर गिर चुके थे. उनके सीने और पेट पर पैरों से हमला किए जाने की बात सामने आई है. AIIMS के डॉ. सुधीर गुप्ता ने भी मौत की वजह गंभीर शारीरिक हमले से हुआ भारी अंदरूनी रक्तस्राव बताया है. इस तरह किलोकरी में रविवार रात शोर को लेकर शुरू हुआ विवाद एक संगीत शिक्षक की मौत में बदल गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने अब यह साफ कर दिया है कि चोंगथम विक्रम सिंह की जान सीने और पेट पर लगी गंभीर चोटों के कारण हुए भारी अंदरूनी रक्तस्राव से गई.
 

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