Harish Rana Dies: हरीश राणा को मिल गई 'इच्छामृत्यु', एम्स में 10 दिन भर्ती रहने के बाद ली आखिरी सांस

Harish Rana News: भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का AIIMS में निधन हो गया. वे साल 2013 से कोमा में थे. सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिसके बाद अस्पताल में उनके लाइफ सपोर्ट को स्टेप वाइज हटाया गया. हरीश राणा के निधन पर AIIMS ने बयान जारी किया. बयान में कहा गया, हम इस कठिन समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं.

Advertisement
हरीश राणा 13 साल से कोमा में थे. Photo ITG हरीश राणा 13 साल से कोमा में थे. Photo ITG

शम्स ताहिर खान

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:48 PM IST

Harish Rana Dies: भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया. वे 2013 से कोमा में थे और पिछले 13 वर्षों से लाइफ सपोर्ट सिस्टम के सहारे थे.

31 वर्षीय हरीश राणा को 14 मार्च को गाजियाबाद स्थित उनके घर से दिल्ली के डॉ बीआर आंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल के पेलिएटिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था. इससे तीन दिन पहले, 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में उन्हें निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी.

Advertisement

2013 में चौथी मंजिल से गिर गए थे हरीश राणा
हरीश राणा पंजाब विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र थे. वर्ष 2013 में चौथी मंजिल से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद से वह लगातार कोमा में थे. इस दौरान उन्हें कृत्रिम न्यूट्रिशनल और बीच-बीच में ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाता था.

अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उनके न्यूट्रिशनल सपोर्ट को धीरे-धीरे कम किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS को निर्देश दिया था कि लाइफ सपोर्ट सिस्टम को एक तय योजना के तहत हटाया जाए, ताकि मरीज की गरिमा बनी रहे.

मरीज की देखभाल को लेकर डॉक्टर पूरी तरह सतर्क थे. दिल्ली एम्स की पूर्व ऑन्को-एनेस्थीसिया प्रमुख डॉ सुषमा भटनागर ने बताया था कि इस प्रक्रिया में मरीज को दिए जाने वाले पोषण को धीरे-धीरे कम किया जाता है या बंद किया जाता है. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि उसे किसी प्रकार का दर्द न हो. इसके लिए लगातार दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं, ताकि मरीज को आराम मिले और उसे किसी तरह की पीड़ा महसूस न हो.

Advertisement

इस पूरी प्रक्रिया को लागू करने के लिए डॉक्टर सीमा मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष मेडिकल टीम गठित की गई थी. इस टीम में न्यूरोसर्जरी, ऑन्को-एनेस्थीसिया, पेलिएटिव मेडिसिन और मनोचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ शामिल थे. भारत में इस तरह का यह पहला मामला माना जा रहा है, जिसने इच्छामृत्यु को लेकर एक नई मिसाल पेश की है.

हरीश राणा का इमोशनल वीडियो हुआ था वायरल
एम्स ले जाने से पहले हरीश राणा के गाजियाबाद स्थित घर से एक भावुक दृश्य सामने आया था, जिसने लोगों को प्रभावित किया. वायरल हुए वीडियो में 'ब्रह्मा कुमारी' संस्था की एक महिला सदस्य उनके माथे पर तिलक लगाते हुए नजर आती हैं और बेहद शांत स्वर में उनसे कहती हैं कि सभी को क्षमा करते हुए और सबसे माफी मांगकर अब शांति से विश्राम करें. इस दृश्य ने देखने वालों की आंखें नम कर दी थीं.

हरीश राणा के निधन पर AIIMS ने बयान जारी किया
हरीश राणा के निधन पर AIIMS ने बयान जारी किया. बयान में कहा गया, हरीश राणा का 24 मार्च 2026 को शाम 4:10 बजे नई दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया. वे डॉक्टरों की एक डेडिकेटेड टीम की देखरेख में थे और उन्हें डॉ. (प्रो.) सीमा मिश्रा, विभागाध्यक्ष, ऑन्को-एनेस्थीसिया के नेतृत्व में पेलिएटिव ऑन्कोलॉजी यूनिट (आईआरसीएच) में भर्ती कराया गया था. एम्स इस कठिन समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement