दिल्ली: तुर्कमान गेट हिंसा मामले में 2 और आरोपी गिरफ्तार, अब तक कुल 18 अरेस्ट

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों फहीम उर्फ सानू और मोहम्मद शहजाद को गिरफ्तार किया है. इसके बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या अब 18 हो गई है. यह हिंसा मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के नजदीक उस समय भड़की, जब एमसीडी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी.

Advertisement
हिंसा मंगलवार-रविवार की रात रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई थी. (Photo: PTI) हिंसा मंगलवार-रविवार की रात रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई थी. (Photo: PTI)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:17 PM IST

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके साथ ही इस केस में अब तक कुल 18 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फहीम उर्फ सानू और मोहम्मद शहजाद के रूप में हुई है. फहीम, मोहम्मद वसीम का बेटा है और तुर्कमान गेट के गली गुड़ियां इलाके का रहने वाला है. उसकी उम्र 30 साल बताई गई है. वहीं मोहम्मद शहजाद, सब्बीर अहमद का बेटा है और चितली कबर, चांदनी महल इलाके में रहता है. उसकी उम्र 29 साल है.

Advertisement

अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा

यह हिंसा मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात रामलीला मैदान क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास उस समय भड़की, जब दिल्ली नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी. कार्रवाई के दौरान अचानक हालात बिगड़ गए और मौके पर जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई.

हिंसा के दौरान पुलिस और नगर निगम की टीम को निशाना बनाया गया, जिसमें थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक स्थिति उस समय ज्यादा तनावपूर्ण हो गई, जब सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मस्जिद को गिराया जा रहा है. इस अफवाह के फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया.

पत्थरबाजी में शामिल थे करीब 200 लोग

Advertisement

पुलिस का दावा है कि इस पत्थरबाजी में करीब 150 से 200 लोग शामिल थे, जिन्होंने पत्थरों के साथ-साथ कांच की बोतलें भी फेंकीं. दिल्ली नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर कुमार कुमार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कार्रवाई के दौरान लगभग 36 हजार वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया. इसमें एक डायग्नोस्टिक सेंटर, एक बैंक्वेट हॉल और दो चारदीवारियां शामिल थीं. उन्होंने साफ कहा था कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है.

450 वीडियो फुटेज की जांच कर रही पुलिस

इस पूरे मामले में अब साजिश की आशंका भी गहराती जा रही है. पुलिस करीब 450 वीडियो फुटेज की जांच कर रही है, जिनमें सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, बॉडी कैमरे और सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो शामिल हैं. जांच में लगभग 30 लोगों के पुलिस के रडार पर होने की बात सामने आई है.

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि 4 से 5 वॉट्सऐप ग्रुप और करीब 10 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के जरिए अफवाहें फैलाई गई थीं. इनका मकसद माहौल को भड़काना बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार ये भड़काऊ संदेश पुराने धार्मिक, कम्युनिटी और दोस्तों से जुड़े ग्रुप्स में साझा किए गए थे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »