दिल्ली का स्टेशन, जनरल बोगी और हाथापाई... 35 साल के युवक के कत्ल में 3 गिरफ्तार, 52 सेकेंड का वीडियो आया सामने

दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर हुई एक मामूली कहासुनी कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई. नतीजा यह हुआ कि 35 साल के एक युवक की जान चली गई. अब इस मामले में पुलिस ने दिल्ली पुलिस ने 3 मुख्य आरोपी, जिनकी मारपीट में भूमिका थी, उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना का 52 सेकेंड का एक वीडियो सामने आने के बाद कई नए सवाल खड़े हो गए हैं.

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युवक की मौत के मामले में 8 लोगों पर एक्शन. (Photo: Screengrab) युवक की मौत के मामले में 8 लोगों पर एक्शन. (Photo: Screengrab)

अरविंद ओझा / अंशुल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:54 AM IST

सुबह का वक्त था. ट्रेन प्लेटफॉर्म पर लगी थी. जनरल बोगी के बाहर हमेशा की तरह भीड़ थी. कोई चढ़ने की जल्दी में था, कोई उतरने की. धक्का-मुक्की भी हो रही थी. लेकिन किसी ने नहीं सोचा होगा कि कुछ मिनट बाद इसी भीड़ के बीच एक आदमी की जान चली जाएगी.

मामला दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन का है. यहां योगा एक्सप्रेस के जनरल कोच के पास हुई मारपीट में 35 साल के पंकज धामा की मौत हो गई. अब पुलिस ने 3 मुख्य आरोपी, जिनकी मारपीट में भूमिका थी, उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. इनमें 2 आरोपी दिल्ली के शाहदरा के, जबकि एक अमर कॉलोनी का रहने वाला है.

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इनके अलावा 3 और लड़के डिटेन किए गए हैं, जिनमें कुछ नाबालिग भी हैं, उनसे पूछताछ चल रही है. पुलिस का कहना है कि पंकज धामा बॉगी के गेट पर खड़ा था और किसी को चढ़ने नहीं दे रहा था, इसी को लेकर झगड़ा हुआ. फिर मारपीट शुरू हो गई थी. इस घटना का 52 सेकेंड का वीडियो सामने आया है, जिसने पूरी कहानी को नए सवालों के बीच ला खड़ा किया है.

पंकज धामा उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले थे. दिल्ली मेट्रो में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे. घटना वाले दिन वह अपने गांव जाने के लिए निकले थे. इसके लिए उन्होंने योगा एक्सप्रेस पकड़ी. लेकिन गांव पहुंचने से पहले उनकी जिंदगी की यात्रा ही खत्म हो गई.

यहां देखें Video

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, योगा एक्सप्रेस जब शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर रुकी तो जनरल बोगी के दरवाजे पर काफी भीड़ थी. आरोप है कि पंकज दरवाजे के पास खड़े थे, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी हो रही थी. यहीं से बहस शुरू हुई. जनरल बोगी में बहस का अगला पड़ाव अक्सर धक्का-मुक्की होता है.

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यहां भी वही हुआ. लेकिन मामला सिर्फ धक्का-मुक्की तक नहीं रुका. देखते ही देखते कई लोग पंकज पर टूट पड़े. पुलिस का आरोप है कि उन्हें मुक्कों और लातों से पीटा गया. कुछ मिनट पहले जो आदमी घर जाने की तैयारी कर रहा था, वह अब प्लेटफॉर्म पर पड़ा था.

52 सेकेंड के वीडियो में क्या दिखा?

घटना का एक 52 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी दिखाई देती है. लोग इधर-उधर भागते नजर आते हैं. कुछ लोग झगड़े में शामिल दिखाई देते हैं. एक पुलिसकर्मी बीच-बचाव की कोशिश करता भी दिखता है. लेकिन वीडियो का सबसे परेशान करने वाला हिस्सा आखिर में आता है.

पंकज जमीन पर पड़े दिखाई देते हैं. उनके आसपास लोगों की भीड़ है. इसके बाद वीडियो खत्म हो जाता है. यहीं से सवाल शुरू होते हैं. क्या उस वक्त पंकज जिंदा थे? क्या उन्हें तुरंत मेडिकल मदद मिल सकती थी? क्या किसी ने CPR देने की कोशिश की? और सबसे बड़ा सवाल, क्या समय पर इलाज मिलता तो उनकी जान बच सकती थी?

दिल्ली रेलवे पुलिस का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और हर पहलू की जांच की जा रही है. डीसीपी रेलवे बी. भारत रेड्डी का कहना था कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पंकज को GTB अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 यानी गैर-इरादतन हत्या और धारा 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया.

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अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मारपीट में सीधे तौर पर कितने लोग शामिल थे और किसने क्या भूमिका निभाई. CCTV फुटेज, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच का आधार बने हुए हैं.

परिवार ने क्या कहा?

पंकज धामा के परिवार का आरोप है कि मामले में लापरवाही हुई है. उनका कहना है कि अगर समय रहते सही मदद मिल जाती तो शायद पंकज की जान बच सकती थी. अब जांच में पुलिस यह भी देख रही है कि स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और घायल व्यक्ति को मेडिकल सहायता कितनी जल्दी उपलब्ध कराई गई.

कहानी सिर्फ एक झगड़े की नहीं है. भारत के रेलवे स्टेशनों पर जनरल बोगी के बाहर धक्का-मुक्की कोई नई बात नहीं है. रोज होती है. लाखों लोग देखते हैं और आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन शाहदरा स्टेशन का यह मामला बताता है कि कई बार एक मामूली बहस, कुछ सेकेंड का गुस्सा और भीड़ की मानसिकता मिलकर किसी की जान ले सकती है. फिलहाल 35 साल के पंकज धामा अब इस दुनिया में नहीं हैं. 8 लोग हिरासत में हैं. 52 सेकेंड का वीडियो जांच एजेंसियों के पास है.

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(एजेंसी के इनुपट के साथ)

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