CJP के बाद अब जंतर-मंतर पर धरना देंगे रिटायर्ड पुलिसवाले! जानें क्या है वजह

दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड कर्मचारियों ने 31 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक दिन के शांतिपूर्ण धरना देने की अनुमति मांगी है. ये धरना घायल पुलिसकर्मियों के समर्थन में होगा और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेगा. बता दें कि 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई हिंसा में 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे.

Advertisement
दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड कर्मचारी हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों का समर्थन करना चाहते हैं. (Photo- Representational) दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड कर्मचारी हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों का समर्थन करना चाहते हैं. (Photo- Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:13 PM IST

दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड कर्मचारियों ने 31 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना देने के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी है. रिटायर्ड कर्मचारी 'चलो संसद' मार्च के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के समर्थन में, हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए ये धरना देना चाहते हैं.

बता दें कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 20 जुलाई को 'चलो संसद' तक मार्च किया था. इस दौरान मची हिंसा में प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे.

Advertisement

अब दिल्ली पुलिस महासंघ (दिल्ली पुलिस रिटायर्ड नॉन-गजेटेड/गजेटेड ऑफिसर्स एसोसिएशन) ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को पत्र लिखा है. एसोसिएशन ने जंतर-मंतर पर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी है.

क्यों धरना देना चाहता है दिल्ली पुलिस महासंघ?

महासंघ का कहना है कि इस प्रदर्शन का मकसद ड्यूटी के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों की हिम्मत बढ़ाना और उनके साथ एकजुटता दिखाना है. पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस और महासंघ के अध्यक्ष वेद भूषण ने कहा कि उनकी मांग शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ बिल्कुल नहीं है. 

उन्होंने बताया कि जो छात्र शांति से अपनी बात रख रहे थे, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. लेकिन जिन असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया, आपराधिक बल का इस्तेमाल किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए. पुलिस ने ऐसे 2,800 से ज्यादा आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान की है जो इस हिंसा में शामिल थे.

Advertisement

महासंघ ने पुलिस को भरोसा दिलाया है कि ये प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा. जंतर-मंतर के तय दायरे में ही धरना दिया जाएगा और संसद भवन की तरफ कोई मार्च नहीं निकाला जाएगा. इस दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के सभी नियमों का पालन किया जाएगा और आम जनता या यातायात को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी.

यह भी पढ़ें: '… तो दोबारा बड़ा प्रदर्शन करेगी CJP', दिपके का ऐलान! SC के ऑर्डर पर जताई चिंता

200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के घायल होने का दावा

दिल्ली पुलिस की मानें तो 20 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन में 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जबकि 65 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई थीं. इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस की 15 से ज्यादा गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »