दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में मुस्तैद CISF के जवानों ने जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर एक संदिग्ध व्यक्ति को धर दबोचा. चेकिंग के दौरान यात्री के पिट्ठू बैग में रखे कपड़ों से लगभग 155 ग्राम संदिग्ध 'गोल्ड पाउडर' बरामद हुआ है. पकड़े गए शख्स की पहचान मोहम्मद शोएब (पुत्र जहीर आलम) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का निवासी है और खुद को मलेशिया के कुआलालंपुर में रहने वाला एनआरआई बताया.
सूचना मिलते ही एएसआई मासूम रज़ा मौके पर पहुंचे, जहां सीआईएसएफ कर्मियों ने आरोपी को पुलिस के हवाले किया. पूछताछ में सामने आया कि 17 अक्टूबर 2026 को जब शोएब जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन से लाजपत नगर जाने के लिए सिक्योरिटी फ्रिस्किंग से गुजर रहा था, तभी मशीन में स्कैनिंग के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों को उसके पिट्ठू बैग में कुछ संदिग्ध वस्तु का अहसास हुआ. बैग की सघन तलाशी लेने पर उसके अंदर रखे एक अंडरगारमेंट की सिलाई में छिपाकर रखा गया लगभग 155 ग्राम पीले रंग का संदिग्ध पाउडर मिला.
मलेशिया से दिल्ली लाया था खेप
प्रारंभिक पूछताछ में मोहम्मद शोएब ने बताया कि वह मलेशिया में टेक्सटाइल सेक्टर में काम करता है और उसकी पत्नी व बच्चे मलेशियाई नागरिक हैं. वह 16 अक्टूबर 2026 को इसे लेकर दिल्ली आया था और जामा मस्जिद इलाके के एक होटल में ठहरा था. घटना के दिन वह लाजपत नगर जाने के लिए मेट्रो स्टेशन पहुंचा था, जहां चेकिंग के दौरान पकड़ा गया.
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कस्टम्स और नारकोटिक्स की जांच के बाद डीपी एक्ट में कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने कस्टम्स विभाग को सूचित किया, लेकिन उन्होंने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए कार्रवाई करने में असमर्थता जताई. इसके बाद पुलिस ने मादक पदार्थ होने के संदेह में नारकोटिक्स विभाग से संपर्क किया और लैब टेस्ट कराया, जिसमें पुष्टि हुई कि यह पदार्थ कोई ड्रग्स या नारकोटिक नहीं है.
चूंकि आरोपी मोहम्मद शोएब इस 155 ग्राम संदिग्ध पदार्थ का कोई वैध बिल या मालिकाना हक का दस्तावेज पेश नहीं कर सका और न ही कोई संतोषजनक जवाब दे पाया, इसलिए पुलिस ने 'सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन' थाने में उसके खिलाफ डीपी एक्ट (DP Act) के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
अंशुल सिंह