कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई भारी हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव और तोड़फोड़ को लेकर पुलिस ने दिल्ली के दो अलग-अलग थानों- कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली हैं.
कनॉट प्लेस थाने में दर्ज एफआईआर अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज की गई है. सोमवार को कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में रीगल सिनेमा के पास भीड़ ने जमकर बवाल काटा था. इस दौरान पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और पुलिस टीम पर जमकर पथराव भी किया गया. इसके अलावा जनपथ पर कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया.
वहीं दूसरी ओर, पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में भी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दंगा करने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने से जुड़ी तमाम धाराएं जोड़ी गई हैं.
अब तक 4 से 5 FIR दर्ज
नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने बताया कि CJP प्रदर्शन हिंसा मामले में अभी तक 4 से 5 FIR दर्ज है. उन्होंने कहा, 'लीगल डेटा कलेक्ट किया जा रहा है उसके बाद पूरा बताएंगे. नई दिल्ली इलाके में प्रॉपर सिक्योरिटी लगाई है, स्थिति को मॉनिटर किया जा रहा है. विजय चौक पर पूरी सिक्योरिटी लगाई है क्योंकि संवेदनशील इलाका है. 110 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल, सर पर चोट है और हाथ पर फ्रैक्चर है. बहुत जगह पर घटनाएं हुईं, पत्थरबाजी हुई, पुलिस वालों को चोट लगी है, सभी वीडियो और CCTV जुटाया जा रहा है.'
CJP प्रदर्शन: पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दर्ज FIR और प्रमुख धाराएं
सोमवार को हुए CJP प्रदर्शन में हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. ये मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.
FIR में शामिल प्रमुख धाराएं और उनके प्रावधान
118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल, 15-20 सरकारी गाड़ियों को नुकसान
दिल्ली पुलिस की मानें तो प्रदर्शनकारियों ने सभी चेतावनियों और निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए इलाके में लगी BNS की धारा 163 का उल्लंघन किया. पथराव और झड़प में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं. घायलों में स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, एडिशनल सीपी, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
झड़प में करीब 60 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की खबर है. भीड़ पर 15 से 20 सरकारी गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ करने और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है.
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70 उपद्रवी हिरासत में, होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने मौके से करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. दिल्ली पुलिस ने बताया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसा में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पूरे मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हिंसा में शामिल बाकी संदिग्धों की भी पहचान की जा सके.
अरविंद ओझा