छत्तीसगढ़ में 6 महीने बाद भी ED की छापेमारी जारी, सरकार से जुड़े ये VIP निशाने पर, जानिए पूरा मामला

पिछले छह महीनों से ED की रेड से अधिकारी सकते में हैं. कांग्रेस बीजेपी पर चुनाव से पहले राज्य में पार्टी को तोड़ने के लिए ED का इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही है. ED अब तक घोटाले के सिलसिले में नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और अन्य पर भी शिकंजा कस रही है.

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ED के निशाने पर कई अधिकारी ED के निशाने पर कई अधिकारी

सुमी राजप्पन

  • रायपुर,
  • 28 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 11:59 PM IST

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में सात महीने से भी कम समय बचा है, लेकिन कोयला घोटाला और परिवहन घोटाला राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है. छह महीने बाद भी राज्य में ED की रेड जारी है. राज्य के चार जिले रायगढ़, महासमुंद, दुर्ग और रायपुर में शीर्ष कोयला व्यवसायियों केके अग्रवाल, संजय अग्रवाल, दीपांशु काबरा और कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल के आवासों सहित विभिन्न स्थानों पर अब भी ED की छापेमारी जारी है.

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पिछले छह महीनों से ED की रेड से अधिकारी सकते में हैं. कांग्रेस बीजेपी पर चुनाव से पहले राज्य में पार्टी को तोड़ने के लिए ED का इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही है. ED अब तक घोटाले के सिलसिले में नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और अन्य पर भी शिकंजा कस रही है.

ये VIP हैं ED के निशान पर

1. सौम्या चौरसिया: छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल की पूर्व उप सचिव सौम्या राज्य की कमान संभाल रही थीं. उन्हें 2 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था. ईडी ने उनकी 51 संपत्तियों को कुर्क किया है, जिसमें 7.57 करोड़ रुपये की आठ बेनामी अचल संपत्तियां शामिल हैं. ये कथित रूप से सौम्या चौरसिया के कब्जे में हैं. सूर्यकांत तिवारी द्वारा की गई अवैध रंगदारी से उन्हें 30 करोड़ रुपये मिले थे.

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2. सूर्यकांत तिवारी: बड़े कोयला कारोबारी हैं. पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड तिवारी एक दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं. उन्हें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके शासन के दौरान भाजपा का करीबी माना जाता था. हालांकि, वह बिना किसी सक्रिय राजनीतिक भूमिका के कांग्रेस के साथ भी जुड़े रहे. ED ने उनके पास से एक डायरी सहित आवश्यक दस्तावेज बरामद किए, जिसमें कुछ नौकरशाहों, राजनेताओं के साथ जुड़ाव का खुलासा हुआ. इसके अलावा उनके कब्जे से करोड़ों की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए गए.

3. समीर विश्नोई: पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार हुए. ईडी ने 4 किलो सोना, 20 कैरेट हीरे और 47 लाख नकद बरामद किया था. विश्नोई को छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी मार्केटिंग संघ (MARKFED) के प्रबंध निदेशक के रूप में कमान मिली थी. बाद में राज्य सरकार ने विश्नोई को उनके प्रभार से मुक्त कर दिया था.

4. राम गोपाल अग्रवाल: पार्टी के कोषाध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष. कांग्रेस के 85वें अधिवेशन में महत्वपूर्ण भूमिका. मुख्यमंत्री के साथ अच्छा तालमेल है. उन्हें पार्टी को फंड मुहैया कराने को लेकर जाना जाता है.

5. दीपांशु काबरा: रायपुर के पूर्व आईजी दीपांशु काबरा मौजूदा समय में छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क विभाग के आयुक्त और अतिरिक्त परिवहन आयुक्त हैं. वह 1997 के आईपीएस बैच से हैं. वह लंबे समय से ईडी के राडार पर थे.
 

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