राबड़ी को अंगूठा छाप कहने पर भड़के तेज प्रताप, पासवान को बताया 'महिषासुर'

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री नाम लिये बगैर उन्हें कथित रूप से अंगूठा छाप करार देने संबंधी केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के बयान पर उन्हें आड़े हाथों लेते हुए उनके बडे़ पुत्र एवं पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने पासवान के खिलाफ एक फोटो जारी किया जिसमें उन्होंने पासवान को महिषासुर बताया.

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तेज प्रताप द्वारा जारी की गई तस्वीर तेज प्रताप द्वारा जारी की गई तस्वीर

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 16 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 12:53 PM IST

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम विलास पासवान ने बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को लेकर विवादित बयान दिया था. हालांकि, पासवान ने राबड़ी का नाम लिए बगैर उन्हें अंगूठा छाप तक कह दिया था. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधितकरते हुए रामविलास पासवान ने कहा था कि बिहार में तो अंगूठा छाप लोग भी सीएम बन जाते हैं. इसी विवादित बयान को लेकर राबड़ी देवी के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव आग बबूला हो गए.

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उन्होंने रामविलास पासवान पर हमला बोलते हुए एक कार्टून जारी किया है जिसमें उनकी मां दुर्गा अवतार में है और वह खुद शेर के रूप में है और रामविलास पासवान को महिषासुर के रूप में दिखाया गया है. पोस्टर में दुर्गा के द्वारा 'महिषासुर' का वध करते हुए दिखाया गयाहै. कार्टून को जारी करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, 'रामविलासजी को इस तरह का अपशब्द एक महिला को लेकर बोलना शोभा नहीं देता. नारी जन्म देती है, ममता देती है और माफ भी कर देती है, लेकिन इतिहास साक्षी है कि नारी का अपमान करने वाले बड़े-बड़े रावण और दुर्योधन भीनहीं बचे तो इन मौकापरस्त नेताओं की क्या औकात है.'

तेज प्रताप ने कहा कि चुनाव नजदीक देखकर एनडीए के नेताओं की भाषा की मर्यादा गिरती जा रही है और वह इस तरीके की अभद्र टिप्पणी एक महिला पर कर रहे हैं जिन्होंने उनको 9 महीने अपने कोख में रखकर पाला पोषा है. तेज प्रताप ने कहा कि रामविलास पासवान को उनकी मां केलिए ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था.

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गौरतलब है कि रामविलास पासवान के द्वारा राबड़ी देवी पर इस टिप्पणी को लेकर उनकी बेटी आशा पासवान भी काफी नाराज हुई थीं और पटना में एकदिवसीय धरने पर बैठी थीं. आशा पासवान ने कहा था कि उनके पिता के द्वारा राबड़ी देवी पर की गई टिप्पणी अशोभनीय है. आशा पासवान नेअपने पिता से इस टिप्पणी के लिए माफी मांगने के लिए भी कहा था.

पासवान की पुत्री आशा पासवान ने उनकी कथित टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी और कहा था, 'पासवान माफी मांगें नहीं तो वह पटना स्थित लोजपा के प्रदेश मुख्यालय के समक्ष धरना देंगी. उन्होंने (पासवान) उक्त बयान देकर राबड़ी देवी को अपमानित किया है, इससे हम सभी महिलाएंदुखी हैं. उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था.' बता दें कि आशा पासवान रामविलास की पहली पत्नी राजकुमारी देवी की पुत्री हैं. आशा की शादी आरजेडी के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरूण साधु से हुई है. वह रामविलास से अलग रही हैं. वहीं, आशा के पति पासवान के खिलाफ आरजेडीके टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. 

दरअसल, आरजेडी ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को गलत करार दिया था. इसके बाद लोजपा प्रमुख रामविसाल पासवान ने राबड़ी देवी पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला किया था. उन्होंने कहा था किबिहार में कोई भी अनपढ़ (अंगूठाछाप) मुख्यमंत्री बन जाता है. 1997 में राजद प्रमुख लालू प्रसाद के चारा घोटाला के मामले में गिरफ्तार होने के बाद लालू यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. साथ ही अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का नया सीएम बनायाथा.

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