बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना में अचानक मंगलवार की सुबह सचिवालय (विकास भवन) पहुंच गए जिसके बाद वहां कई मंत्री और अधिकारी गायब मिले. मंत्रियों और अधिकारियों की लेट-लतीफी से बिहार के मुखिया भड़क गए और वहीं अल्टीमेटम दे दिया.
जब वो औचक निरीक्षण में पहुंचे तो कई मंत्री अपने कार्यालय में नहीं पाए गए. शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, गन्ना विकास मंत्री समय पर दफ्तर में मौजूद नहीं थे. हालांकि भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी और मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार जरूर वहां पहले से उपस्थित थे.
नीतीश कुमार ने इस दौरान कहा, सुबह 9:30 बजे सभी मंत्रियों और अधिकारियों को दफ्तर पहुंच जाना चाहिए और इसी को लेकर हम निरीक्षण कर रहे हैं. हम सब जगह घूम कर देख रहे हैं, इसी सिलसिले में.जो लोग नहीं मिलते हैं उसको फोन करके पता करवाते हैं कि आखिर वो अपने दफ्तर में क्यों नहीं हैं.
नीतीश कुमार ने सचिवालय में ही शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को भी मौके से ही फोन लगा दिया और दफ्तर नहीं आने का कारण पूछने लगे. इसके बाद शिक्षा मंत्री फौरन विकास भवन पहुंचे.
सीएम नीतीश कुमार 10 बजे वहां से निकलकर विश्वेश्वरैया भवन पहुंच गए और वहां भी मंत्री को मौजूद नहीं देखकर नाराज हो गए. उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से कहा कि 9 बजकर 30 मिनट तक सभी को आ जाना चाहिए.
रिपोर्ट के मुताबिक वहां मौजूद मंत्री और कर्मचारियों को देखकर नीतीश कुमार ने कहा कि मेरी हर तरफ नजर है. बताया जा रहा है कि उन्होंने तीन अफसरों को भी टाइम पर दफ्तर नहीं आने के लिए फटकार लगाई है.
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