रामविलास का बेटा हूं किसी से नहीं डरता, शेर की तरह रहूंगा: चिराग पासवान

दिवंगत रामविलास पासवान का सरकारी बंगला खाली कराने के बाद से उनके बेटे और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से लगातार अलग-अलग पार्टियों के नेता मिल रहे हैं. इन मुलाकातों से बिहार में राजनीति गरम हो गई है.

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जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव आज चिराग पासवान से मिले जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव आज चिराग पासवान से मिले

सुजीत झा

  • पटना,
  • 05 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 7:29 PM IST
  • चिराग पासवान की कई दलों के नेताओं से मुलाकात के निकाले जा रहे राजनीतिक मायने
  • लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष ने मुलाकातों को शिष्टाचार भेंट बताया

लोकजन शक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का बीजेपी से मोह भंग हो चुका है. कभी अपने आप को प्रधानमंत्री मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग पासवान ने कह दिया है कि वो अब किसी गठबंधन में नहीं हैं. जिस तरीके से उन्हें स्वर्गीय रामविलास पासवान के बंगले से निकाला गया, उससे वो आहत हैं. अब वह बीजेपी से कोई संबंध नहीं रखना चाहते. चिराग पासवान ने कहा कि अब वो आजाद हैं. 

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चुनाव के वक्त गठबंधन पर सोचूंगा

चिराग पासवान आजकल पटना में हैं. अपनी पार्टी व संगठन को मजबूत करने में लगे हुए हैं. तमाम दलों के नेता उनसे मिलने आ रहे हैं लेकिन चिराग पासवान का कहना है कि वो अभी किसी के साथ नहीं हैं. जब चुनाव का समय आयेगा तब गठबंधन की बात होगी. उन्होंने कहा मेरे पिता के निधन के बाद पिछले डेढ़ साल से मैं अकेला चल रहा हूं. विधानसभा चुनाव अकेला लड़ा, उसके बाद जो एमएलसी चुनाव अकेले ही लड़ा. मैंने आगे भी अकेले ही चलने की सोच रखा है. अपने आप को मजबूत करने की रणनीति है.

बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने धोखा दिया

चिराग पासवान आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं ने उन्हें धोखा दिया. वह 29 मार्च को ही बंगला खाली करना चाहते थे लेकिन बीजेपी के टॉप नेताओं ने उन्हें रुकने के लिए कहा पर क्या हुआ मेरे पिता की तस्वीर को सड़क पर फेंक दिया गया. उन्होंने कहा कि मैंने अपने नेता रामविलास पासवान से एक चीज सीखी है, जहां रहो पूरी ईमानदारी के साथ रहो. 2014 में मेरा गठबंधन बीजेपी के साथ हुआ. तब से लेकर अभी तक निस्वार्थ व विपरीत परिस्थितियों में भी इनके साथ रहा. मैंने गठबंधन का साथ दिया, लेकिन उसका नतीजा क्या निकला.

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बीजेपी की कृपा पर सीएम बने नीतीश

चिराग ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 में रातों-रात मुख्यमंत्री एनडीए गठबंधन का हिस्सा बन गए. यही मुख्यमंत्री जो आज बीजेपी की कृपा पर सीएम बने हुए हैं, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ झटक कर आ गए थे. उनके पीएम दावेदारी के विषय पर उनके सामने से खाने की थाली छीन ली गई थी.

अंत तक नीतीश पिता का करते रहे अपमान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमारे नेता रामविलास पासवान को हमेशा अपमानित करते रहे. राज्यसभा में नामांकन की बात हो तो उसमें भी इन्होंने हमारे नेता को ह्यूमिलेट किया. उसके बाद जब वह बिस्तर पर थे तब भी मुख्यमंत्री ने मुस्कुराकर कहा कि अच्छा! वह अस्पताल में हैं. मुझको तो मालूम ही नहीं. जब वह वेंटिलेटर पर थे तब एनडीए की बैठक में वह बोले कि जाकर पूछिए रामविलास से अपने दो विधायकों की मदद से क्या वह राज्यसभा चले जाएंगे. ऐसे में उनके साथ आगे चलना संभव नहीं लेकिन 2017 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ गठबंधन वापस आए. उस वक्त अमित शाह ने ही भरोसा दिलाया था कि आप का गठबंधन हम लोगों के साथ है. आप हमारे साथ रहें और उस गठबंधन को हम लोगों ने उस वक्त भी निभाया जब 2020 में मैं अकेले चुनाव लड़ा. बीजेपी के सामने हमने अपने प्रत्याशी नहीं उतारा.

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बिहार में मध्यावधि चुनाव होना तय

चिराग पासवान ने कहा कि जिस तरीके से बिहार जेडीयू और बीजेपी के बीच टशन चल रही है, इसमें मध्यावधि चुनाव होना तय है. 2025 में नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे और ना ही बीजेपी इनको मुख्यमंत्री बनाएगी और होना भी चाहिए क्योंकि ज्यादा संख्या उनकी है. जब यह बात तय है कि 2025 में इनको मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाया जाएगा तो 2024 तक क्यों मुख्यमंत्री उनके साथ रहेंगे. 

 

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