केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की दिल्ली AIIMS में एंजियोप्लास्टी हुई है, 17 अगस्त को एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने इसको किया है. फिलहाल जेपी नड्डा की हालत स्थिर है. नड्डा को कुछ दिनों पहले दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था. बीते दिनों उनकी एंजियोग्राफी भी हुई थी. इसके बाद डॉक्टरों ने अब एंजियोप्लास्टी की है. नड्डा डॉक्टरों की निगरानी में हैं. दिल्ली एम्स ने यह जानकारी साझा की है.
एम्स ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा की एंजियोप्लास्टी हुई है. इस प्रोसीजर में हार्ट की तंग या बंद नसों को चौड़ा करने के लिए किया जाता है, इसमें एक पतली ट्यूब (कैथेटर) और गुब्बारे का उपयोग किया जाता है. इसके जरिए हार्ट में स्टेंट डालकर नसों के ब्लॉकेज को खत्म किया जाता है.
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जेपी नड्डा की पहले हुई थी एंजियोग्राफी
कुछ दिनों पहले जेपी नड्डा कि दिल्ली एम्स में एंजियोग्राफी की गई थी. इस टेस्ट को हार्ट में हुए किसी ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए किया जाता है. इसमें देखा जाता है कि हार्ट की किस किस नस में कितने फीसदी ब्लॉकेज है. इस टेस्ट में देखा जाता है कि क्या स्टेंट डालने की जरूरत है या फिर दवाओं से ही काम चल सकता है.
एम्स के मुताबिक, 13 अगस्त की शाम को सेहत में खराबी की शिकायत के बाद नड्डा को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था. उसी दिन एंजियोग्राफी समेत कई टेस्ट किए गए थे. एम्स ने बताया कि जेपी नड्डा कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की निगरानी में है. उनकी हेल्थ को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है.
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एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में होता है अंतर
कुछ लोग एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं. ये दोनों अलग- अलग है. एंजियोग्राफी एक टेस्ट है जिसमें हार्ट ब्लॉकेज का पता चलता है, जबकि एंजियोप्लास्टी एक प्रोसीजर है जिसमें डॉक्टर हाथ या जांघ की खून की नली के जरिए एक बारीक तार और बैलून कैथेटर हार्ट तक पहुंचाते हैं. फिर हार्ट की नस में रुकावट वाली जगह पर बैलून को फुलाया जाता है और नस के रास्ते को चौड़ा करने के लिए स्टेंट डाला जाता है.
अभिषेक पांचाल