इतने दिनों से ज्यादा है गले में खराश, कहीं ये कैंसर का लक्षण तो नहीं, डॉक्टर ने किया अलर्ट

गले में लंबे समय तक बनी रहने वाली खराश को हल्के में नहीं लेना चाहिए. डॉ. अक्षत मलिक के अनुसार, यह कैंसर का एक लक्षण हो सकता है. तंबाकू और शराब का सेवन इस कैंसर के प्रमुख कारण हैं. समय पर जांच और इलाज से इस कैंसर को सफलतापूर्वक रोका और ठीक किया जा सकता है.

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 गले का कैंसर ( Photo- ITGD) गले का कैंसर ( Photo- ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:39 PM IST

 गले में खराश एक आम समस्या है, जो फ्लू और वायरल बुखार के कारण हो जाती है. लेकिन डॉक्टर का कहना है कि अगर लंबे समय से यह परेशानी बनी हुई है तो इसको हल्के में न लें. गले में खराश होने के साथ- साथ आवाज का बैठना सिर और गर्दन के कैंसर का भी लक्षण होता है. चिंता की बात यह है कि अधिकतर मरीज गले में खराश जैसे लक्षणों पर ध्यान नहीं देते हैं. वह तब इलाज के लिए पहुंचते हैं, जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है. 

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सिर और गले का कैंसर मुंह, जीभ, मसूड़ों से लेकर लार वाले ग्लैंड्स में विकसित हो सकता है. इस बारे में दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल्स में हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी विभाग में डॉ.अक्षत मलिक ने आजतक. इन से बातचीत में बताया है.

डॉ. मलिक बताते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को 2 सप्ताह से अधिक समय से गले में खराश है, ऐसा घाव जो लंबे समय तक नहीं भर रहा है और इसके साथ ही आवाज का लगातार बैठना या भारी होना जैसी समस्या है तो इसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके अलावा खाना निगलने में दर्द या कठिनाई, गर्दन में गांठ या सूजन पर भी ध्यान देना चाहिए यह सब भी हेड एंड नेक कैंसर के लक्षण हो सकते हैं. 

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किन वजहों से होता है हेड एंड नेक कैंसर

डॉ अक्षत बताते हैं कि भारत में सिर और गले के कैंसर के सबसे प्रमुख कारण हैं तंबाकू का सेवन और शराब पीना है. इसके अलावा ह्यूमन पैपिलोमा वायरस HPV वायरस भी इसका कारण बनता है. यह भी देखा जाता है कि जो लोग ओरल हेल्थ का ध्यान नहीं रखते हैं उनको भी यह कैंसर हो सकता है.

डॉ मलिक बताते हैं कि ओपीडी में ऐसे कई मरीज आते हैं जो लंबे समय से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं और उनको मुंह का कैंसर हो गया है, लेकिन चिंता की बात यह है कि लोग शुरुआती लक्षणों को हमेशा हल्के में लेते हैं. जब कैंसर एडवांस स्टेज में चला जाता है तब इलाज के लिए आते हैं. अगर शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न किया जाए और समय रहते जांच कराई जाए, तो इस कैंसर का सफल इलाज संभव है.

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इस कैंसर से बचाव के लिए?

डॉ अक्षत कहते हैं कि सबसे पहले जरूरी है कि आप किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन  करें. ओरल हेल्थ का भी ध्यान रखें. इसके लिए मुंह और दांतों की रोज सफाई करें. संतुलित आहार लें, जिसमें ताजे फल और हरी सब्जियां शामिल हों. कैंसर का कोई भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर के पास जाएं. इस मामले में लापरवाही न करें. 

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