दिल्ली इन दिनों स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा A(H1N1) के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी दिल्ली में ही इस साल अब तक (H1N1 के 1777 केस आ चुके हैं. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले 14 दिनों में 433 नए केस आए हैं. बीते साल की तुलना में अगस्त के हिसाब से यह कई गुना ज्यादा हैं. अस्पतालों की ओपीडी में भी फ्लू के लक्षणों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है. दिल्ली एम्स, सफदरजंग, आरएमएल से लेकर दूसरे अस्पतालों में भी हर दिन फ्लू के लक्षणों के साथ मरीज आ रहे हैं. इनकी स्वाइन फ्लू की जांच भी की जा रही है. टेस्ट में कई लोग पॉजिटिव मिल रहे है.
दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी नड्डा ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह के साथ समीक्षा बैठक की है. इसमें उन्होंने स्वाइन फ्लू को लेकर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. केंद्र से हर तरह की मदद का भरोसा भी दिया है. इस सबके बीच यह जानना भी जरूरी है कि इस बार स्वाइन फ्लू के केस क्यों बढ़ रहे हैं? किसको ज्यादा खतरा है?
दिल्ली में इस बार स्वाइन फ्लू के केस बढ़ने के ये हैं कारण
इसके बारे में जानने लिए आजतक.इन ने दिल्ली AIIMS में मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉ नीरज निश्चल से बात की है. डॉ. नीरज ने बताया कि इन्फ्लूएंजा को फैलने के लिए केवल ठंडे मौसम की जरूरत नहीं होती. वायरस के सर्कुलेशन, लोगों की
बीमारी से बचाव की क्षमता कम होना और सांस के जरिए संक्रमण फैलने के अनुकूल माहौल का एक साथ बनना इन्फ्लूएंजा को बढ़ा सकता है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में मानसून के दौरान यही परिस्थितियां बन जाती हैं. मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव होता है. बारिश और उमस के कारण लोग ज्यादा समय बंद कमरों में बिताते हैं. कई जगह एयर कंडीशनर चलते हैं और खिड़कियां-दरवाजे बंद रहते हैं. अगर कमरे में ठीक तरीके से वेंटिलेशन नहीं है और वहां कोई संक्रमित व्यक्ति मौजूद है, तो दूसरे लोगों तक वायरस पहुंच सकता है. हालांकि फ्लू के बढ़ने के लिए सिर्फ तापमान ही जिम्मेदार नहीं है, वायरस का लोगों के बीच में मौजूद होना, संक्रमण फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां. इन चीजों का मेल अहम है, जो केस बढ़ने का कारण हो सकते हैं.
इस बार ज्यादा केस आने की एक और वजह टेस्टिंग भी हो सकती है
डॉ. नीरज ने यह भी कहा कि मामले जो बढ़े हुए दिख रहे हैं, उसका एक कारण टेस्टिंग भी हो सकती है. पहले जिन मरीजों को सामान्य वायरल बुखार या फ्लू मानकर इलाज किया जाता था, हो सकता है कि अब उनकी स्वाइन फ्लू की जांच भी की जा रही हो, जिससे केस बढ़े हुए दिख रहे हो, उन्होंने कहा कि बढ़ते आंकड़ों को समझने के लिए फ्लू की टेस्टिंग कितनी हो रही है ये देखना भी जरूरी होता है. ज्यादा टेस्ट होंगे तो केस भी अधिक आने की आशंका हो सकती है.
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?
डॉ. नीरज ने बताया कि बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, हार्ट, लंग्स ,डायबिटीज के मरीज और जिनकी कमजोर इम्यूनिटी है उनको स्वाइन फ्लू से ज्यादा खतरा है. अगर इस समय किसी को सांस फूलना, ऑक्सीजन कम होना, छाती में दर्द, कन्फ्यूजन और कमजोरी जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए.
डॉ. नीरज कहते हैं कि हर बुखार को हल्के में न लें, लेकिन हर बुखार से घबराने की भी जरूरत नहीं है, समय पर डॉक्टर की सलाह, सही जांच और सही दवा जरूरी है. इस समय जरूरी है कि हैंड हाइजीन का ध्यान रखें. हाथ धोकर ही भोजन करें. खांसते और छींकते समय चेहरे को कवर करें. अगर बीमार है तो घर पर रहें और जरूरत पड़ने पर मास्क लगाएं. संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें. अगर फ्लू से संबंधित कोई भी लक्षण दिख रहे हैं तो इस मामले में खुद से दवा न लें और डॉक्टर से सलाह लें.
दिल्ली सरकार का क्या है कहना?
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि उनकी सरकार मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है, अस्पतालों में बेड, डॉक्टरों, दवाओं और जरूरी मेडिकल उपकरणों की कोई कमी नहीं है और हर मरीज को समय पर और सही उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि इस साल 2026 में अब तक इन्फ्लूएंजा-A के कुल 2392 मामले सामने आए हैं. जिनमें H1N1 सबसे प्रमुख स्ट्रेन है, जिसके 1777 मामले सामने आए हैं, जबकि H1 (37), H3 (138) और अन्य 440 केस आए हैं. उन्होंने बताया कि दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन,इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्रा (IDSP) के जरिए इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी रख रहा है. इसके तहत IDSP-IHIP पोर्टल पर रिपोर्ट किए गए ILI, SARI और इन्फ्लूएंजा के मामलों की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार मरीजों की संख्या पर नजर रख रही है और जरूरतों के हिसाब से अस्पतालों में जरूरी व्यवस्था मजबूत कर रही है. दिल्ली की तैयारियों की पूरी रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ साझा की गई है, जिसमें अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाओं के इंतजाम शामिल हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार राजधानी दिल्ली को हर जरूरी मदद देगी.
पिछले साल की तुलना में इस बार कितने केस ज्यादा हैं इस बारे में दिल्ली स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसा कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार कितने गुना केस ज्यादा हैं, लेकिन इस साल स्वाइन फ्लू के मामले काफी अधिक हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री जे.पी नड्डा ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री क साथ बैठक की. इसमें उन्होंने स्वाइन फ्लू को लेकर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों को भी जागरूक रहने और फ्लू से बचाव के नियमों का पालन करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो उसको अस्पताल जाना चाहिए.
अभिषेक पांचाल