एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है. सरकार से लिखित प्रस्ताव और आश्वासन मिलने के बाद वह करीब 26 दिन बाद अनशन तोड़ने को राजी हो गए. इतने दिनों तक वह बिना भोजन किए रह रहे थे. जब कोई व्यक्ति इतने दिनों बाद दोबारा खाना शुरू करता है, तो ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है क्योंकि लंबे उपवास के बाद शरीर के फंक्शन को फिर से खाना की आदत डालने में समय लग सकता है. ऐसे में अगर अचानक ज्यादा या सामान्य भोजन कर लिया जाए,तो सेहत बिगड़ने का रिस्क होता है.
इतने दिनों बाद खाना खाने से शरीर में क्या होता है. डॉक्टर किस तरह की डाइट से शुरू करते हैं. रिकवर होने में कितना समय लग सकता है. इस बारे में एक्सपर्ट्स ने बताया है.
राजीव गांधी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अजीत कुमार बताते हैं कि जब शरीर को कई दिनों तक पर्याप्त भोजन नहीं मिलता, तो शरीर फैट और फिर मांसपेशियों से पोषण लेना शुरू कर देता है. इस दौरान इंसुलिन का स्तर कम हो जाता है और शरीर में एनर्जी का लेवल भी कम हो जाता है. इसलिए शरीर लंबी भूख हड़ताल के बाद तुरंत सामान्य भोजन संभालने की स्थिति में नहीं होता है. ऐसे में भोजन करने के दौरान कई तरह की सावधानी बरतना जरूरी होता है.
अचानक खाना शुरू करने से क्या खतरा है?
डॉ. अजीत कहते हैं कि लंबे समय तक भूखा रहने के बाद फिर से खाना खाने से रीफीडिंग सिंड्रोम होने का रिस्क होता है. यह एक गंभीर मेडिकल स्थिति है, जो लंबे समय तक भूखे रहने वाले लोगों में भोजन दोबारा शुरू करने पर हो सकती है. इसलिए खाना शुरू करने से पहले ध्यान रखना चाहिए कि अचानक ज्यादा कार्बोहाइड्रेट और अधिक कैलोरी वाला भोजन न करे. अगर ऐसा भोजन शरीर में ज्यादा जाता है तो इंसुलिन का लेवल तेजी से बढ़ सकता है. यही वजह है कि लंबे उपवास के बाद मरीज को सीधे सामान्य भोजन नहीं दिया जाता है. इस दौरान डॉक्टर और डायटिशियन यह खास ध्यान रखते हैं कि मरीज को धीरे- धीरे ठोस भोजन दें और शुरुआत तरह पदार्थ से करें.
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फिर खाना कैसे शुरू कराया जाता है?
लंबे उपवास के बाद भोजन हमेशा एक खास तरीके से शुरू किया जाता है. इसके लिए डॉक्टर एक पूरा डाइट चार्ट तैयार करते हैं. डॉक्टरों की निगरानी में ही खाना दिया जाता है. इस दौरान मरीज के बीपी, प्लस और ऑक्सीजन से लेकर शुगर लेवल पर नजर रखी जाती है. भोजन शुरू करने के लिए शुरुआत में नारियल पानी, सूप और ओआरएस दिया जाता है. इसके बाद धीरे-धीरे नरम और आसानी से पचने वाली चीजें दी जाती हैं.
कुछ मामलों में मरीज को थायमिन सप्लीमेंट भी दिया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि लंबे समय तक भूखे रहने के बाद शरीर में थायमिन (विटामिन B1) की कमी भी हो सकती है. अगर इस कमी को पूरा किए बिना भोजन शुरू किया जाए, तो ब्रेन और नर्वस सिस्टम पर असर पड़ सकता है. इसलिए कई मरीजों को भोजन शुरू करने से पहले या उसके साथ थायमिन सप्लीमेंट दिया जाता है. हालांकि ये निर्भर करता है कि उपवास करने वाले के शरीर की स्थिति कैसी है और उसको इसकी जरूरत है या नहीं.
शरीर को सामान्य होने में कितना समय लगता है
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के पूर्व रेजिडेंट डॉ. दीपक कुमार बताते हैं कि 26 दिनों तक भूखा रहने के बाद शरीर को सामान्य होने में कुछ हफ्तों का समय लग सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि उपवास के दौरान व्यक्ति का कितना वजन कम हुआ था. पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन कैसा रहा और उसकी पहले से स्वास्थ्य स्थिति कैसी थी. इन सब चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. अगर व्यक्ति को कोई गंभीर समस्या नहीं है और सभी हेल्थ पैरामीटर ठीक हैं तो वह कम दिनों में भी पहले ही तरह फिट हो सकता है.
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रिकवर होने में कितना लगेगा समय
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस (NICE), ब्रिटेन और ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) के अनुसार, जो लोग कई दिनों तक बहुत कम भोजन लेते हैं या लंबे समय तक उपवास करते हैं, उनमें अगले 4–7 दिनों तक इलेक्ट्रोलाइट्स व अन्य जरूरी चीजों की नियमित निगरानी की जाती है. इस दौरान डाइट चार्ट के हिसाब से खाना दिया जाता है. फिर व्यक्ति धीरे- धीरे अपना नॉर्मल खानपान शुरू कर सकता है. शरीर कुछ ही दिनों में रिकवर भी हो जाता है.
अभिषेक पांचाल