शमोंडा वायरस से क्या अब होगा नई महामारी का खतरा? एक्सपर्ट ने बताया इंसानों में संक्रमण का कितना रिस्क

फ्रांस में पहली बार शमोंडा वायरस का मानव में संक्रमण पाया गया है, इस मरीज की मौत हो गई है. यह वायरस पहले केवल जानवरों में पाया जाता था और अब इंसानों में फैलने की संभावना चिंता का विषय बन गई है.

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शमोंडा वायरस शमोंडा वायरस

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:53 PM IST

फ्रांस में एक ऐसे वायरस का पता चला है, जिसे अब तक जानवरों में होने वाला संक्रमण माना जाता था. इसका नाम शमोंडा वायरस है जिससे संक्रमित मरीज की मौत भी हो गई है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि मौत की वजह यही वायरस था या नहीं, लेकिन इस मामले ने एक सवाल खड़ा किया है कि क्या जानवरों में फैलने वाला यह वायरस इंसानों के लिए भी खतरा बन सकता है? क्या आने वाले दिनों में दुनिया कोई नई महामारी देख सकती है? 

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क्या है शमोंडा वायरस?

विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) के मुताबिक, शमोंडा वायरस एक तरह का ऑर्थोबुन्यावायरस है.इससे मामले केवल जानवरों में ही आते थे. इसकी पहचान सबसे पहले साल 1965 में नाइजीरिया में गायों के बीच हुई थी. इसके बाद यह अफ्रीका, एशिया और बाद में यूरोप के कई देशों के पशुओं में पाया गया है.भेड़, बकरी और घोड़ों में भी इसका संक्रमण सामने आया है, लेकिन इंसान में इसका संक्रमण एक चिंता का कारण बन गया है. संक्रमित मरीज की मौत के बाद रिस्क और बढ़ गया है.

यह भी पढ़ें: पहले जानवरों में फैला, अब इंसान की मौत... फ्रांस में मिला शमोंडा वायरस कितना खतरनाक?

इंसान तक कैसे पहुंचा वायरस?

इस बारे में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग में डॉ. एल.एच घोटेकर ने बताया है. डॉ.घोटेकर बताते हैं कि शमोंडा वायरस कीटों, जिन्हें मिज कहा जाता है, उनके जरिए फैलता है. हालांकि, इंसान में संक्रमण का सटीक कारण अभी पता नहीं चला है. फिलहाल ये जांच का विषय है, ये भी सीधे तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि मौत का अकेला कारण ये वायरस ही है. लेकिन फिर भी दुनियाभर की हेल्थ एजेंसी को इस मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है. 

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यह भी पढ़ें: जानवरों में पाया जाने वाला वायरस इंसान में मिला, फ्रांस में 'शामोंडा' से एक मरीज की मौत

क्या नई महामारी का खतरा होगा? 

डॉ घोटेकर बताते हैं कि दुनिया में इंसानों में ये इस वायरस का पहला मामला है. ऐसे में पैनिक होने की जरूरत नहीं है. चुंकि ये वायरस बहुत पुराना है तो ऐसा नहीं है कि अब ये इंसानों में अचानक तेजी से फैल सकता है. लेकिन ये जरूरी है कि कि इंसान में इसके संक्रमण कैसे हुआ इसका जल्द से जल्द पता लगे, ताकि इसके मामलों की निगरानी की जा सके. ये भी देखना होगा कि इस वायरस का जानवरों में भी संक्रमण काबू में हो, ताकि इंसानों में फैलने का भी रिस्क कम किया जा सके. 

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