आज के समय में कई कामकाजी महिलाएं 30 की उम्र के बाद प्रेग्नेंसी प्लान करती हैं, लेकिन 30 के बाद फर्टिलिटी थोड़ा कम हो जाती है. ऐसे में बेबी प्लान करने से पहले कई चीजों को ध्यान में रखने की जरूरत होती है. वहीं, कुछ गलतियों से बचना भी जरूरी होता है, ताकि सेफ प्रेग्नेंसी हो सके. इस बारे में डिटेल में जानने के लिए हमने एक्सपर्ट से बातचीत की है.
आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. सुतापन समंता बताती हैं कि आज के समय में महिलाएं करियर बनाने के लिए या देरी से शादी करने के कारण 30 की उम्र के बाद बच्चा प्लान करती है, हालांकि अब 30 की उम्र के बाद प्रेग्नेंसी प्लान करना आम बात है, लेकिन यह समझना भी जरूरी है कि उम्र बढ़ने के साथ फर्टिलिटी पर धीरे-धीरे क्या असर पड़ता है और इस दौरान क्या ध्यान में जरूर रखना चाहिए.
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क्या करें और किन गलतियों से बचना जरूरी है
30 की उम्र के बाद महिलाएं प्रेग्नेंट होने में कोई समस्या नहीं आती है, लेकिन कई महिलाओं में अंडों की क्वालिटी और संख्या में बदलाव आने लगता है, खासकर 35 की उम्र के बाद यह ज्यादा देखा जाता है. डॉ सामंता बताती हैं कि इस उम्र में प्रेग्नेंसी प्लान करने के लिए आपकी रोज़ाना की आदतें मायने रखती हैं.जैसा अच्छा खाना, डॉक्टर की सलाह पर एक्सरसाइज करना, मानसिक तनाव न लेना, रोज कम से कम 8 घंटे की नींद लेना और स्मोकिंग व शराब का सेवन न करना जरूरी है. कोशिश करें कि प्रेग्नेंसी प्लान करने के दौरान आपकी शारीरिक और मानसिक सेहत का पूरा ध्यान रखें और इस मामले में कोई लापरवाही न करें.
कब आईवीएफ के लिए सलाह लेनी चाहिए
अगर आप 6-12 महीनों से कोशिश कर रहे हैं और सफलता नहीं मिल रही है, तो फिर इस मामले में बहुत इंतजार न करें. सही समय पर एक फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलें. वह समस्या का पता लगाकर जल्द से जल्द मदद कर सकते हैं. इसके लिए डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं. इसके लिए ओवेरियन रिज़र्व से लेकर हार्मोन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं. डॉ सामंता बताती हैं कि अब इलाज के तरीकों में बहुत तरक्की हुई है, ओव्यूलेशन इंडक्शन, IUI और IVF जैसे तरीकों से आसानी से बच्चा कंसीव किया जा सकता है.
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