दुनिया भर में हार्ट फेलियर के कई मरीज हार्ट फेलियर विथ प्रिजर्व्ड इजेक्शन फ्रैक्शन की समस्या से पीड़ित होते हैं. इसमें हार्ट की मांसपेशियां अंदर से र्कड़ी (stiff) हो जाती हैं और धड़कनों के बीच ठीक से रिलेैक्स नहीं कर पाती हैं, जिससे हार्ट में सही तरीके से खून का फ्लो नहीं हो पाता है. इस बीमारी को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है. बस ये कंट्रोल होती है. लेकिन अब किंग्स कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों की एक रिसर्च की है, जिसमें पता चला है कि अनार इस समस्या को काबू करने में फायदेमंद हो सकता है.
रिसर्च में पता चला है कि अनार खाने के बाद हमारे शरीर में बनने वाला एक कुदरती कंपाउंड इस समस्या से पीड़ित मरीजों क दिल की फंक्शनिंग में 80% तक सुधार कर सकता है. इस रिसर्च को साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित किया गया है.
हार्ट फेलियर क्या होता है?
हार्ट फेलियर दो तरह का होता है. आम हार्ट फेलियर में दिल की मांसपेशियां पतली और कमजोर हो जाती हैं, जिससे वह खून को बाहर फेंक नहीं पाता, वहीं, हार्ट फेलियर विथ प्रिजर्व्ड इजेक्शन फ्रैक्शन में समस्या मसल्स के सही रिलैक्सेशन न करने की होती है. इसमें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या उम्र की वजह से दिल की दीवारें बहुत सख्त हो जाती हैं, नतीजा यह होता है कि धड़कनों के बीच दिल में पर्याप्त खून भर ही नहीं पाता, जिससे मरीजों की सांस फूलने लगती है, पैरों में सूजन आ जाती है और वे सीढ़ियां तक नहीं चढ़ पाते है.
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अनार हार्ट के लिए कैसे है फायदेमंद?
इस रिसर्च में बताया गया है कि अनार में एक खास कंपाउड होता है जिसको यूरोलिथिन ए कहते हैं. ये हमारे पेट के अच्छे बैक्टीरिया द्वारा पचाने के बाद बनता है. किंग्स कॉलेज लंदन की टीम के वैज्ञानिकों ने जब इस कंपाउंड को हार्ट फेलियर के जटिल मॉडल्स पर टेस्ट किया गया. जिसमें पता चला कि ये कम्पाउंड दिल के काम करने के पैमाने में 80% तक सुधार कर सकता है .रिसर्च में देखा गया कि यूरोलिथिन ए ने दिल की सख्त हो चुकी मांसपेशियों के टिशू को दोबारा फ्लैक्सिबल और रिलैक्स किया. इसने 'फाइब्रोसिस' यानी दिल के अंदर जमने वाले कठोर स्कार टिशू को कम किया.
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क्या अनार का जूस पीने से हार्ट फेलियर ठीक हो जाएगा?
रिसर्च में ये भी बताया गया है कि अनार किसी भी बीमारी की कोई दवा नहीं है. अभी वैज्ञानिकों ने ये भी कहा है कि यह रिसर्च अभी प्री-क्लिनिकल मॉडल्स और लैब टिशू पर हुई है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सिर्फ अनार खाकर या उसका जूस पीकर आप अपनी हार्ट की दवाएं बंद कर दें.
रिसर्च में ये भी कहा गया है कि अनार खाने के बाद हर इंसान का शरीर यूरोलिथिन ए नहीं बना पाताहै. यह पूरी तरह आपके पेट के माइक्रोबायोम पर निर्भर करता है. हालांकि इस रिसर्च का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब वैज्ञानिक सीधे 'यूरोलिथिन ए' या उसके जैसे मॉलिक्यूल से टारगेटेड दवाएं बना सकेंगे, जिसके ट्रायल्स जल्द शुरू होने वाले हैं.
आजतक हेल्थ डेस्क