लगातार कई घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करना किडनी खराबी का कारण बन सकता है. अगर समय रहते इसपर ध्यान न दिया जाए तो भविष्य में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) होने का रिस्क है. जो किडनी के लिए खतरनाक होती है. डेस्क जॉब वालों में इसका रिस्क सबसे ज्यादा है. लगातार बैठने से किडनी खराब कैसे हो सकती है इसको समझना जरूरी है.
जब कोई व्यक्ति लगातार कई घंटों तक बैठा रहता है,तो खून का फ्लो धीमा पड़ सकता है. इससे शरीर में पानी रुकने, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने और मेटाबॉलिज्म धीमा होने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं. इन सभी स्थितियों में किडनी को शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है. इससे किडनी पर प्रेशर पड़ता है. चूंकि डेस्क जॉब वाले घंटों बैठे रहते हैं और कई बार समय पर पानी पीना टाल देते हैं, तो इससे उनकी किडनी पर असर पड़ता है.
घंटों बैठे रहना क्यों है खतरनाक
यशोदा मेडिसिटी अस्पताल में नेफ्रोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने इस बारे में आजतक. इन को बताया है. वह बताते हैं कि घंटों बैठे रहने से लोगों में मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है. यही तीनों बीमारियां दुनिया भर में क्रॉनिक किडनी डिजीज की सबसे बड़ी वजह मानी जाती हैं. अगर समय रहते इनको कंट्रोल नहीं किया जाता है तो किडनी की सेहत पर इसका असर होता है.
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डॉ अमित कहते हैं कि इस तरह के मामले देखे भी जाते हैं जहां लंबे समय से डेस्क जॉब करने वालों में किडनी से संबंधित समस्याएं देखी गई है. यह समस्या उन लोगों में अधिक देखी जाती है जो बिना ब्रेक लिए 3 से 4 घंटे लगातार बैठे रहते हैं.
डॉ. कुमार का कहना है कि किडनी की सेहत छोटे लेकिन नियमित बदलावों से बेहतर रखी जा सकती है. अगर आप लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, तो हर 30 से 40 मिनट में कम से कम 2 से 3 मिनट के लिए खड़े होकर टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग करें. अपनी टेबल पर हमेशा पानी की बोतल रखें और पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत डालें.
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इन बातों का भी जरूर रखें ध्यान
नमक का सेवन कम करें
पैकेज्ड फूड कम खाएं
नींद अच्छी लें
समय-समय पर कराएं जरूरी जांच
6 महीने में एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट करा लें
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