हार्ट अटैक का खतरा पहले ही बता सकता है यह सस्ता ब्लड टेस्ट, डॉक्टर ने दी सलाह

बीते कुछ वर्षों में हार्ट की बीमारियों में वृद्धि देखी गई है, जिसमें हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले शामिल हैं. इनके कारण लोगों की मौत भी हो रही है. ऐसे में सही समय पर सही टेस्ट कराना बहुत जरूरी है. इस बारे में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. तरुण कुमार ने बताया है.

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ApoB ब्लड टेस्ट के फायदे  ApoB ब्लड टेस्ट के फायदे

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:45 PM IST

बीते कुछ सालों में हार्ट की बीमारियां काफी बढ़ रही हैं. हार्ट अटैक से लेकर कार्डियक अरेस्ट के केस बढ़े हैं. इनसे लोगों की मौत भी हो रही है. हार्ट की बीमारियों की पहचान के लिए कई टेस्ट हैं. इनमें लिपिड प्रोफाइल, हार्ट का सीटी- स्कैन, ई.सी.जी जैसे टेस्ट शामिल हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि एक और टेस्ट है जिसको जरूर करा लेना चाहिए. इसका नाम  ApoB टेस्ट((Apolipoprotein B) है. यह एक प्रकार का  ब्लड टेस्ट है जो ब्लड में मौजूद उन हानिकारक लिपोप्रोटीन कणों की संख्या बताता है जो नसों में प्लाक बनाकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाते हैं.

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आज के समय में दिल की बीमारियों के जोखिम की पहचान करने के लिए इसको सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट में से एक माना जाता है. क्योंकि अगर कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल है लेकिन हार्ट में खतरनाक कण हैं तो भी हार्ट अटैक आ सकता है. इन कणों का पता नॉर्मल किसी दूसरे टेस्ट से पता नहीं चलता है. इसके लिए ApoB टेस्ट ही सबसे सटीक है.

ApoB टेस्ट से क्या पता चलता है

  1.  LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल)
  2. VLDL
  3. IDL
  4. Lipoprotein(a) [Lp(a)]

मेदांता मेडिसिटी मूलचंद अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार ने इस बारे में आजतक. इन को बताया है. डॉ तरुण बताते हैं कि लिपिड प्रोफाइल टेस्ट केवल कोलेस्ट्रॉल के लेवल के बारे में बताता है. वहीं, LDL  टेस्ट केवल ब्लड में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बताता है, जबकि ApoB यह बताता है कि ब्लड में कुल कितने हानिकारक कण मौजूद हैं. यही कारण है कि ApoB कई बार दिल की बीमारियों के जोखिम का अधिक सटीक आकलन करता है. 

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ApoB टेस्ट क्यों महत्वपूर्ण है?

डॉ. तरुण बताते हैं कि वैसे तो हर किसी को एक बार यह टेस्ट करा लेना चाहिए. लेकिन जिन लोगों को डायबिटीज है, इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बनी रहती है. ट्राइग्लिसराइड्स बढ़े हुए हैं, मोटापा है, कम उम्र में दिल की बीमारी का पारिवारिक इतिहास है और बैड कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने के बाद भी दिल की बीमारी का खतरा बना हुआ है उनको यह टेस्ट जरूर करा लेना चाहिए.

कई लोगों का बैड कोलेस्ट्रॉल सामान्य होता है, लेकिन उनके ब्लड में छोटे और अधिक संख्या में बैड कोलेस्ट्रॉल के कण मौजूद होते हैं. ऐसे लोगों में दिल की बीमारी का जोखिम अधिक हो सकता है. इसकी सटीक पहचान के लिए ApoB टेस्ट कराना सबसे सही माना जाता है. 

यह टेस्ट ज्यादा महंगा भी नहीं है 300 से 500 रुपये के बीच इसकी कीमत है, अलग- अलग लैब में रेट कम या ज्यादा हो सकते हैं.. सरकारी अस्पतालों में यह टेस्ट फ्री में कराया जा सकता है. 


ApoB का लेवल कितना होना चाहिए

 90 mg/dL से कम :  जिन लोगों को हार्ट की बीमारी का रिस्क है 
 80 mg/dL से कम :  हार्ट की बीमारी के हाई रिस्क वाले लोगों के लिए
 65 mg/dL से कम : जिनको पहले हार्ट अटैक आ चुका हो

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क्या ApoB टेस्ट के लिए फास्टिंग जरूरी है? 

डॉ. तरुण बताते हैं कि ApoB टेस्ट बिना फास्टिंग के भी कराया जा सकता है. इस टेस्ट को कराने का फायदा यह है कि अगर आपका बैड कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल है, लेकिन खून में कोलेस्ट्रॉल के खतरनाक कण कितने हैं इसका पता लगाने के लिए ApoB टेस्ट करा सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल है और हानिकारक कण ज्यादा हैं तो भी हार्ट अटैक का खतरा रहता है. 

ApoB का लेवल बढ़ा हुआ है कम कैसे करें 

अगर किसी व्यक्ति के शरीर में ApoB का लेवल बढ़ा हुआ है तो इसके लिए अपने खानपान का खास ध्यान रखें. अपनी डाइट में फाइबर बढ़ाएं. इसके लिए ओट्स, दालें, और बींस खाएं. मक्खन और रेड मीट जैसी चीज़ों से दूरी बनाएं. मक्खन या रिफाइंड तेल की जगह जैतून का तेल डाइट में शामिल करें 

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