पिछले साल सर्दियों में ब्रिटेन समेत कई दूसरे देशों में फ्लू (इन्फ्लूएंजा) के मामले जल्दी आए थे और केस अधिक दर्ज किए गए थे. ऐसे में इस साल सर्दियों की दस्तक से पहले ही इन्फ्लूएंजा वैक्सीन में बड़ा अपडेट किया गया है. यह वायरस हर साल अपना रूप बदलता है. ऐसे में वायरस की निगरानी के बाद WHO ने आने वाले फ्लू सीजन में इन्फ्लूंजा के सुपर के स्ट्रेन के लिए वैक्सीन अपडेट करने कि सिफारिश की थी. जिसको तैयार कर लिया गया है.
सुपर- K कोई नया वायरस या कोई अलग बीमारी नहीं है, इसका वैज्ञानिक नाम इन्फ्लूएंजा A(H3N2) सब क्लेड K है, यह H3N2 फ्लू वायरस का एक बदला हुआ स्ट्रेन है. चूंकि इस वायरस में हर साल बदलाव होता है तो उसके हिसाब से ही वैक्सीन भी अपडेट की जाती है. ताकि इंन्फ्लूएंजा के केस कम हों और इससे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत ना पड़े. पिछले साल यह वायरस दुनिया के कई देशों में तेजी से फैला था. ऐसे में आने वाले समय में मामले बढ़ने की आशंका है. इसको देखते हुए पहले ही वैक्सीन को अपडेट किया गया है.
किसने तैयार की अपडेट वैक्सीन
फ्लू की कोई नई वैक्सीन नहीं बनी है. बस नए स्ट्रेन के हिसाब से इसको अपडेट किया है. ब्रिटेन में 2026-27 के लिए एस्ट्रेजेनेका की फ्लूएंज वैक्सीन तैयार की गई है. यह बच्चों और किशोरों को नाक में दी जाने वाली लाइव एटेन्यूएटेड इन्फ्लूएंजा वैक्सीन है. यह ऐसा टीका होता है, जो एक ही खुराक में तीन अलग-अलग वायरस या बैक्टीरिया के स्ट्रेन से सुरक्षा प्रदान करता है.
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कहां लग रही है यह वैक्सीन?
इस अपडेटेड वैक्सीन का इस्तेमाल ब्रिटेन के 2026-27 फ्लू वैक्सीनेशन प्रोग्राम में हो रहा है.NHS के मुताबिक गर्भवती महिलाओं समेत कुछ पात्र लोगों के लिए वैक्सीनेशन 1 सितंबर 2026 से शुरू हो गया है, जबकि ज्यादातर पात्र लोगों के लिए वैक्सीनेशन 1 अक्टूबर 2026 से उपलब्ध होगा. वैक्सीन टीकाकरण केंद्रों से लेकर अस्पतालों में दी जा रही है. बच्चों के लिए खास व्यवस्था है. दो साल से लेकर स्कूल की उम्र के बच्चों को आमतौर पर फ्लूएंज नेजल स्प्रे दिया जा रहा है. जिन बच्चों को नेजल स्प्रे नहीं दिया जा सकता, उनके लिए इंजेक्शन वाली वैक्सीन का विकल्प मौजूद है.
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क्या भारत में भी यही वैक्सीन लगेगी?
इस बारे में महामारी विशेषज्ञ डॉ जुगल किशोर ने बताया कि ब्रिटेन का 2026-27 फ्लू वैक्सीनेशन प्रोग्राम सीधे भारत पर लागू नहीं होता. भारत में फ्लू वैक्सीन की उपलब्धता, ब्रांड, सीजन और सरकारी वैक्सीनेशन नीति अलग हो सकती है. हालांकि WHO की वायरस-स्ट्रेन सिफारिशें दुनिया भर के वैक्सीन निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण आधार होती हैं, इसलिए भारत में उपलब्ध फ्लू वैक्सीन के पैकेज को देखकर ही यह तय किया जा सकता है कि उसमें 2026 के लिए H3N2 कंपोनेट शामिल है या नहीं. यानी सिर्फ यह सुनकर कि वैक्सीन अपडेट हो गई. भारत में कोई भी फ्लू वैक्सीन लगवाने की बात सही नहीं होगी.
आजतक हेल्थ डेस्क