कमर, रीढ़ और घुटनों के दर्द को बिना दवा ठीक कर सकती है HIFEM थेरेपी, इन मरीजों को होगा फायदा, इस अस्पताल में है फ्री सुविधा

दिल्ली के RML अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक (HIFEM) थेरेपी शुरू की है, जो बिना दर्द और सर्जरी के शरीर की गहरी मसल्स को मजबूत बनाती है. यह थेरेपी फिजियोथेरेपी से भी अधिक फायदेमंद है. अस्पताल में इसकी सुविधा निशुल्क मिलेगी.

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 हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:07 PM IST

अगर आप लंबे समय से कमर दर्द से परेशान हैं. घुटने के ऑपरेशन के बाद मसल्स पहले जैसी मजबूत नहीं हो पा रही हैं, तो अब दिल्ली के एक बड़े सरकारी अस्पताल में भी इलाज की एक नई थेरेपी आ गई है, जो बिना किसी दर्द और दवा के इन सब परेशानियों को ठीक कर सकती है. दिल्ली के अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (ABVIMS) और डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ने अपने फिजियोथेरेपी विभाग में हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक (HIFEM) थेरेपी सिस्टम शुरू किया है.

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यह तकनीक बिना सर्जरी और बिना दर्द के शरीर की गहरी मसल्स को एक्टिव करके उन्हें मजबूत बनाने में मदद करती है. अस्पताल में मरीजों को यह सुविधा निशुल्क मिलेगी. HIFEM थेरेपी एक नए प्रकार की फिजियोथेरेपी तकनीक है, जिसमें हाई-इंटेंसिटी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी का इस्तेमाल किया जाता है, यह एनर्जी शरीर की गहरी मसल्स तक आसानी से पहुंच जाती है. और बेहद शक्तिशाली तरीके से काम करती है. लंबे समय से कमर दर्द, खेल के दौरान लगी चोट, बढ़ती उम्र में मसल्स का कमजोर होना जैसी परेशानियों में यह थेरेपी काफी फायदेमंद है. 

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नॉर्मल फिजियोथेरेपी से कैसे अलग है यह तकनीक?

अब तक फिजियोथेरेपी में इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन, एक्सरसाइज और मैनुअल थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन HIFEM थेरेपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी तरह की सर्जरी, सुई या शरीर के अंदर कोई उपकरण डालने की जरूरत नहीं पड़ती है. यह तकनीक बिना दर्द के शरीर की गहरी मसल्स तक पहुंचकर उन्हें एक्टिव करती है. इससे मांसपेशियों की ताकत, शरीर का संतुलन अच्छा रहता है. इस तकनीक को सामान्य फिजियोथेरेपी के साथ जोड़कर देने से मरीजों की रिकवरी तेज हो सकती है.

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HIFEM थेरेपी कूल्हों और बांहों की मांसपेशियों को मजबूत और आकर्षक बनाने के लिए भी की जाती है. यह पेल्विक फ्लोर की कमजोर मांसपेशियों को ठीक करके यूरिन से संबंधित समस्या को भी कम करती है. यह रीढ़ की हड्डी और आसपास की मांसपेशियों को ताकत देकर पीठ के दर्द को कम करती है. कुछ मरीजों में इस थेरेपी की मदद से ऑपरेशन भी टाले जा सकते हैं

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RML अस्पताल ने क्या कहा?

ABVIMS एवं RML अस्पताल के निदेशक डॉ. अखिलेंद्र प्रसाद ने कहा कि इस तकनीक से मरीजों को पहले से अधिक अच्छा इलाज मिलेगा. यह बिना सुई , चीरे, दवा या लंबे समय तक आराम की आवश्यकता के मांसपेशियों को मजबूत बनाने और दर्द से राहत दिलाने में सहायक है.अस्पताल में सोमवार से लेकर शनिवार तक मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर ये थेरेपी मिलेगी. यह बिलकुल निशुल्क होगी. 

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