बच्चा स्कूल से पेंसिल-इरेजर चुराकर लाता है? ये मानसिक बीमारी तो नहीं, डॉक्टर ने बताया सच

क्या आपका बच्चा भी स्कूल से पेंसिल-इरेजर चुराकर लाता है? अगर बच्चा बार-बार चोरी कर रहा है, चीजें छिपा रहा है या माता- पिता के पूछने पर भी अपनी गलती मानने से इनकार कर रहा है, तो इन मामलों को नजरअंदाज नहीं करें.

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कंडक्ट डिसऑर्डर क्या होता है ( PHOTO-ITGD) कंडक्ट डिसऑर्डर क्या होता है ( PHOTO-ITGD)

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

स्कूल से लौटने के बाद अगर बच्चे के बैग में किसी दूसरे बच्चे की पेंसिल, इरेजर या खिलौना मिल जाए, तो ज्यादातर माता-पिता घबरा जाते हैं. उनको लगता है कि कहीं बच्चा ये चुराकर तो नहीं लाया है. बच्चे ऐसा क्यों करते हैं. स्कूल से चीजें चुराकर लाना नॉर्मल है या किसी मानसिक समस्या का संकेत? इस बारे में डॉक्टर ने बताया है. 

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सर गंगाराम अस्पताल में मानसिक रोग विभाग में सीनियर कंसल्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजीव मेहता ने इस बारे में Aajtak.in को बताया है. डॉ मेहता कहते हैं कि एक-दो बार ऐसा होना हमेशा चिंता की बात नहीं होती. छोटे बच्चों में यह व्यवहार उनके मन में इन चीजों के आकर्षण या चीजों को अपना बनाने की इच्छा की वजह से भी हो सकता है, लेकिन अगर बच्चा बार-बार ऐसा कर रहा है और समझाने के बाद भी उसकी आदत नहीं बदल रही, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. फिर यह किसी व्यवहार संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है.

कब समझें कि मामला गंभीर हो सकता है?

डॉ. राजीव बताते हैं कि अगर बच्चा बार-बार चोरी कर रहा है, चीजें छिपा रहा है या माता- पिता के पूछने पर भी अपनी गलती मानने से इनकार कर रहा है, तो इन मामलों को नजरअंदाज नहीं करें. अगर बच्चा 7-8 साल से बड़ा है और समझाने के बाद भी लगातार ऐसा कर रहा है, तो यह कुछ मानसिक समस्याओं का संकेत हो सकता है. इनमें इम्पल्स कंट्रोल से जुड़ी समस्याएं, कंडक्ट डिसऑर्डर और कुछ अन्य मानसिक स्थितियां से जुड़ा हो सकता है.

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कंडक्ट डिसऑर्डर क्या होता है

कंडक्ट डिसऑर्डर एक ऐसी मानसिक समस्या है, जिसमें बच्चा बार-बार ऐसा व्यवहार करने लगता है, जिससे लोगों को घर, स्कूल और समाज में परेशानी होने लगती है. ऐसे बच्चे अकसर बात-बात पर गुस्सा करना, झगड़ा करना या मारपीट तक कर सकते हैं. इनमें स्कूल से चीजें चोरी करना जैसी आदतें बन जाती हैं. अगर किसी बच्चे में ये आदत लगातार बन रही हैं तो इस मामले में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. 

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माता-पिता क्या करें?

बच्चे से पूछें कि उसने ऐसा क्यों किया

उसे दूसरे बच्चे की भावनाओं के बारे में समझाएं

बच्चे के साथ इस बात को लेकर गलत व्यवहार न करें 

अगर चोरी करना बच्चे की आदत बन गई है तो डॉक्टर से सलाह लें

काउंसलिंग से इस समस्या का समाधान किया जा सकता है. 

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