मोबाइल, लैपटॉप का इस्तेमाल बढ़ने के साथ बच्चों और युवाओं में आंखों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं. कम उम्र में चश्मा लगना, दूर की चीजें साफ न दिखना और आंखों में सूखापन महसूस होना आम शिकायतें बन रही हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या स्क्रीन देखने से आंखों की रोशनी कमजोर होती है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह भी है? इंडिया टुडे ग्रुप की हेल्थवेल्थ समिट में इस बारे में डॉ. कैरीन पकरासी ने बताया.
आजतक की हेल्थ समिट में डॉ. कैरीन पकरासी ने कहा कि आंखों की सर्जरी में पिछले कुछ दशकों में बड़ी तकनीकी प्रगति हुई है. मोतियाबिंद के ऑपरेशन में बड़े चीरे की जगह छोटी चीरा तकनीक, फेको इमल्सीफिकेशन और आधुनिक लेंस के इस्तेमाल से मरीजों की रिकवरी और देखने की क्षमता में सुधार हुआ है. लेकिन तकनीक में तरक्की के बावजूद आंखों की नई समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनमें मायोपिया और ड्राई आई प्रमुख हैं. अब ये समस्या बच्चों में भी देखी जा रही हैं. स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल इसका एक कारण है.
क्या है मायोपिया और क्यों बढ़ रही है समस्या?
मायोपिया को आम भाषा में निकट दृष्टिदोष कहते हैं. इसमें व्यक्ति पास की चीजें साफ देख सकता है, लेकिन दूर की चीजें धुंधली दिखाई देती हैं. ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब आंख की कॉर्निया और लेंस की बनावट के कारण प्रकाश रेटिना पर फोकस होने के बजाय उसके आगे फोकस होता है.बच्चों में मायोपिया होने के पीछे जेनेटिक कारण होते हैं, लेकिन लाइफस्टाइल फैक्टर भी एक बड़ा कारण है. लंबे समय तक पास रखकर मोबाइल या किताब देखना और बाहर खुले में कम समय बिताना इसके रिस्क से जुड़े हुए हैं.
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स्क्रीन की रोशनी नहीं, उसे देखने का तरीका भी अहम
डॉ. कैरीन पकरासी ने कहा कि सिर्फ स्क्रीन की रोशनी नहीं उस देखने का तरीका भी आंखों की सेहत पर असर डालता है. अगर आप स्क्रीन को बहुत पास से देखते हैं. तो ये आंखों की सेहत को खराब करेगा ही. लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने से पलकें कम झपकती हैं. इसेसे आंखों की सतह पर नमी कम हो सकती है. इससे आंखों में जलन, सूखापन, धुंधलापन और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है. मायोपिया के खतरे को कम करने के लिए स्क्रीन को आंखों से कम से कम एक हाथ की दूरी पर रखें. इस बात का भी ध्यान रखें कि स्क्रीन पर रोशनी ठीक हो. कम रोशनी में मोबाइल, लैपटॉप या किताब पढ़ने से आंखों की पुतलियों पर ज्यादा जोर पड़ता है, जिससे मायोपिया का खतरा बढ़ता है.
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आंखों को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
- 20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी चीज को देखें
- स्क्रीन से दूरी रखें: मोबाइल को आंखों से कम से कम 30 सेंटीमीटर और कंप्यूटर को लगभग एक हाथ की दूरी पर रखें.
- बाहर खेलने का समय बढ़ाएं: बच्चों को दिन में कम से कम 1-2 घंटे बाहर खेलने के लिए भेजें
- पलकें झपकाते रहें: लगातार स्क्रीन देखने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक लें और आंखों को आराम दें
आजतक हेल्थ डेस्क